स्पेस से लौटने पर सुनीता विलियम्स की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस:कहा- धरती के माहौल में ढलने की कोशिश कर रहे हैं; स्पेसएक्स को शुक्रिया कहा

भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स स्पेस से वापस लौटने के बाद पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही हैं। सुनीता और उनके साथी एस्ट्रोनॉट बुच विल्मोर के साथ टेक्सास के जॉनसन स्पेस सेंटर में मीडिया से बात कर रहे हैं। सुनीता विलियम्स ने कहा कि मैं स्पेसएक्स को शुक्रिया कहती हूं, जिसने हमें वापस लाने में मदद की। एक्सपर्ट्स की टीम हमें धरती के माहौल में फिर से ढलने में मदद कर रही और नई चुनौतियों के लिए तैयार कर रही हैं। सुनीता विलियम्स ने कहा- मेरे पिता शाकाहारी थे, इसलिए घर लौटने पर हमने एक अच्छा ग्रिल्ड चीज सैंडविच खाया। मैं घर लौटकर अपने पति और अपने डॉग्स को गले लगाना चाहती थी हमें कोई जानकारी नहीं थी कि धरती पर क्या हो रहा है सुनीता विलियम्स ने कहा कि उनके वापस लौटने पर लोगों ने जिस तहत से उनका स्वागत किया वह उससे बहुत अच्छा महसूस कर रही हैं। हम इस देश (अमेरिका) के आभारी हैं, जिसने हमारे लिए प्रार्थना की और हमारे साथ जुड़े रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुनीता विलियम्स ने कहा- हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि धरती पर क्या हो रहा है। यह मिशन हमारा राष्ट्रीय लक्ष्य, राष्ट्रीय फोकस था। अंतरिक्ष में लंबे समय तक फंसे रहने के सवाल पर सुनीता विलियम्स ने कहा का कि यह एक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन प्रोग्राम था। हम पूरी तैयारी के साथ गए थे और हम उस वहां पर जाने और किसी भी तरह की अप्रत्याशित बदलवा के लिए तैयार थे। बुच विल्मोर बोले ISS में फंसे लोगों के लिए हम सभी जिम्मेदार एस्ट्रोनॉट्स से जब पूछा गया कि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में फंसे रहने के लिए कौन जिम्मेदार है? तब बुच विल्मोर ने कहा कि हम सभी जिम्मेदार हैं। हमें आगे की तरफ देखना चाहिए, हम बैठकर किसी को दोष नहीं दे सकते। मजबूत भरोसे के बिना आप स्पेस इंडस्ट्री टिके नहीं रह सकते हैं। बुच विल्मोर ने कहा कि हमारे पास रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) एक्सपर्ट्स हैं जो धरती वापस लौटने पर हमारी मदद करते हैं। हम मांसपेशियों को नुकसान से बचने के लिए बहुत सारी एक्सरसाइज कर रहे हैं। 8 दिन के मिशन पर गए थे, लेकिन 9 महीने से ज्यादा समय लग गया भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स अपने चार साथियों के साथ 19 मार्च पृथ्वी पर लौटीं थीं। वे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर 9 महीने 14 दिन तक रहीं। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर बोइंग और NASA के 8 दिन के जॉइंट ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ पर गए थे। इस मिशन का उद्देश्य बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट की एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन तक ले जाकर वापस लाने की क्षमता को टेस्ट करना था। एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन पर 8 दिन में रिसर्च और कई एक्सपेरिमेंट भी करने थे। लेकिन थ्रस्टर में आई गड़बड़ी के बाद उनका 8 दिन का मिशन 9 महीने से ज्यादा समय का हो गया था। -------------------------- सुनीता विलियम्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... 9 महीने 14 दिन बाद पृथ्वी पर लौटीं सुनीता विलियम्स:स्पेसक्राफ्ट का टेम्परेचर बढ़ने पर 7 मिनट संपर्क टूटा, फ्लोरिडा समुद्र तट पर लैंडिंग भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने 14 दिन बाद पृथ्वी पर लौट आए हैं। इनके साथ क्रू-9 के दो और एस्ट्रोनॉट अमेरिका के निक हेग और रूस के अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी हैं। उनका ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट भारतीय समयानुसार 19 मार्च को सुबह 3:27 बजे फ्लोरिडा के तट पर स्प्लैशडाउन हुआ, यानी पानी में लैंडिंग हुई। यहां पढ़ें पूरी खबर...

Apr 1, 2025 - 01:34
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स्पेस से लौटने पर सुनीता विलियम्स की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस:कहा- धरती के माहौल में ढलने की कोशिश कर रहे हैं; स्पेसएक्स को शुक्रिया कहा

स्पेस से लौटने पर सुनीता विलियम्स की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस: कहा- धरती के माहौल में ढलने की कोशिश कर रहे हैं; स्पेसएक्स को शुक्रिया कहा

Kharchaa Pani

लेखक: स्नेहा रॉय, टीम नेतानागरी

परिचय

यूं तो अंतरिक्ष में सफर करने की अनुभूति अनूठी होती है, लेकिन जब आप धरती पर लौटते हैं, तो वह अनुभव और भी खास बन जाता है। भारतीय-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने हाल ही में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जहां उन्होंने अपने अंतरिक्ष में बिताए समय की चर्चा की और धरती पर लौटने के अनुभव को साझा किया। इस लेख में हम उनके बयान, स्पेसएक्स का योगदान और अंतरिक्ष यात्रा की चुनौतियों के बारे में जानेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख बिंदु

सुनीता विलियम्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम धरती के माहौल में ढलने की कोशिश कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि कैसे अंतरिक्ष में बिताया समय उनके लिए अद्भुत और प्रेरणादायक रहा। "मेरा सफर स्पेसएक्स के सहयोग से संभव हो पाया, जिनका मैं दिल से धन्यवाद करती हूं," उन्होंने कहा।

भविष्य की संभावनाएँ

सुनीता ने बताया कि भविष्य में अंतरिक्ष यात्रा में अनुसंधान और विकास की संभावनाएँ अनंत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में और अधिक लोग अंतरिक्ष की ओर देखेंगें और वहां जाकर नई खोजों के लिए प्रयास करेंगे।

स्पेसएक्स का योगदान

स्पेसएक्स ने सुनीता विलियम्स जैसे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए उन्नत तकनीकी सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं, जिससे उनकी यात्रा सुरक्षित और सुगम बन पाई। सुनीता ने स्पेसएक्स की टीम का आभार जताते हुए कहा कि उनके बिना यह मिशन सफल नहीं हो पाता।

धरती पर लौटने का अनुभव

सुनीता ने अपने पहले अनुभवों को साझा करते हुए कहा, "धरती पर वापस आना हमेशा बेहद रोमांचक होता है, लेकिन यह पूरी तरह से अलग अनुभव है।" उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों से मिलने के झलकियों को भी साझा किया, जो उनके लिए बहुत मायने रखता है।

समापन

सुनीता विलियम्स की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस न केवल उनके व्यक्तिगत अनुभवों का ब्योरा थी, बल्कि यह हमें अंतरिक्ष यात्रा की चुनौतियों और संभावनाओं के बारे में भी बताती है। आने वाले दिनों में, हमें उम्मीद है कि और भी बहादुर अंतरिक्ष यात्री इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।

अंतरिक्ष की ओर देखने का अनुभव अद्भुत है, और हमें सुनीता जैसे व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेनी चाहिए कि वे हमें दिखाएंगे कि कैसे नई ऊँचाइयों तक पहुँचना संभव है।

अधिक अपडेट के लिए, visit kharchaapani.com.

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