डीटीपी की मोजमाबाद व किड़ावली में बड़ी कार्रवाई:बीस एकड़ में अवैध रूप से बने रसूखदारों के 12 आलीशान फार्म हाउस जमींदोज, कई की बाउंड्रीवाल धराशायी

डीटीपी इंफोर्समेंट ने बुधवार को मोजमाबाद और किड़ावली गांव में 20 एकड़ में अवैध रूप से बनाए गए आलीशान फार्म हाउसों को जमींदोज कर दिया। इन फार्म हाउसों को तोड़ने के लिए विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि ये सभी आलीशान फार्म हाउस बड़े रसूखदारों के थे। सुबह नौ बजे लाव लश्कर के साथ जब विभाग का तोड़फोड़ दस्ता मौके पर पहुंचा तो इसे देखते ही हड़कंप मच गया। दस्ते ने जाते ही तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। विभाग को पहले से पता था कि इन फार्म हाउसों को तोड़ते समय विवाद हो सकता है, क्योंकि ये बड़े-बड़े धन्नासेठों के हैं, इसलिए डीटीपी विभाग ने किसी भी विरोध से निपटने के लिए भारी पुलिस बल की व्यवस्था कर रखी थी। फार्म हाउस मालिकों को आकाओं का नहीं मिला सहयोग: डीटीपी इनफोर्समेंट अधिकारी राहुल सिंगला के अनुसार विभाग को शिकायत मिली थी कि यमुना पार मोजमाबाद और किड़ावली गांव में 20 एकड़ में अवैध रूप से बड़ी संख्या में फार्महाउस बनाए गए हैं। इस शिकायत के बाद विभाग ने कार्रवाई करने के लिए पूरी रणनीति बनाई। तोड़फोड़ की कार्रवाई में किसी तरह का विरोध पैदा न हो, इसलिए विभाग ने पुलिस बल की व्यवस्था की। बुधवार सुबह करीब नौ बजे तोड़फोड़ दस्ता फार्म हाउस कालोनी पहुंच गया और कार्रवाई शुरू कर दी। तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही कुछ फार्म हाउस मालिक मौके पर आ धमके। ये अपने रसूख और पहुंच की धमक दिखाने लगे। दस्ते के सामने ही ये अपने आकाओं को फोन लगाने लगे। इन्होंने तोड़फोड़ की कार्रवाई को रोकने के लिए हरसंभव कोशिश की, लेकिन विभाग ने बिना किसी दबाव में आए तोड़फोड़ जारी रखा। 12 फार्म हाउस व 17 बाउंड्री वाल को विभाग ने तोड़ा: डीटीपी इंफोर्समेंट अधिकारी सिंगला के अनुसार उन्हें पहले से ही पता था कि कार्रवाई के दौरान फार्म हाउस मालिक अपने आकाओं से बात कराने की कोशिश करेंगे, ऐसे में हमने पहले से ही निश्चित कर रखा था कि कार्रवाई के दौरान किसी से बात नहीं करेंगे। जब तक कार्रवाई अंजाम तक नहीं पहुंच जाएगी तब तक किसी से बात नहीं करेंगे। सुबह नौ से शाम छह बजे तक चली कार्रवाई के दौरान बंगला टाइप बने 12 फार्म हाउस पूरी तरह से जमींदोज कर दिए गए। ये बहुत ही शानदार और लग्जरी फार्म हाउस बने थे। फार्म हाउसों की करीब 17 बाउंड्री वाल भी तोड़ दी गई। इसके अलावा 50 डीसीपी भी जमींदोज कर दी गईं। तोड़फोड़ की इस कार्रवाई में कई मशीनें लगी थीं। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी मुस्तैदी के साथ खड़ा था। इसलिए किसी ने कार्रवाई का ज्यादा विरोध करने की कोशिश नहीं की। डीडीपी इंफोर्समेंट ने कहाकि इस तरह की फार्म हाउस कालोनी में जल्दी तोड़फोड़ होती नहीं, क्योंकि इस तरह के फार्म हाउस अधिकतर बड़े लोगों के होते हैं। सिंगला के अनुसार इस कार्रवाई में जिला पऱ्शासन का उन्हें पूरा सहयोग मिला। इसलिए अवैध रूप से बने सभी फार्म हाउसों को जमींदोज कर दिया गया।

Apr 2, 2025 - 21:34
 128  147.8k
डीटीपी की मोजमाबाद व किड़ावली में बड़ी कार्रवाई:बीस एकड़ में अवैध रूप से बने रसूखदारों के 12 आलीशान फार्म हाउस जमींदोज, कई की बाउंड्रीवाल धराशायी
डीटीपी इंफोर्समेंट ने बुधवार को मोजमाबाद और किड़ावली गांव में 20 एकड़ में अवैध रूप से बनाए गए आलीशान

डीटीपी की मोजमाबाद व किड़ावली में बड़ी कार्रवाई: बीस एकड़ में अवैध रूप से बने रसूखदारों के 12 आलीशान फार्म हाउस जमींदोज, कई की बाउंड्रीवाल धराशायी

Kharchaa Pani

लेखकों की टीम: नीतू शर्मा, प्रीति वर्मा, सुमन खत्री

परिचय

कोटकपूरा, पंजाब में स्थानीय सरकारी एजेंसियों ने मोजमाबाद और किड़ावली क्षेत्र में अवैध निर्माण पर कठोर कार्रवाई की है। बीते मंगलवार को बड़ी संख्या में DTP अधिकारियों ने एक अभियान चलाकर 20 एकड़ में बने 12 आलीशान फार्म हाउसों को गिरा दिया। इस कार्यवाही ने स्थानीय रसूखदारों में खलबली मचा दी है। आइए जानते हैं इस कार्रवाई के विवरण और उसके पीछे के कारण।

कार्रवाई का विवरण

डीटीपी अधिकारियों ने बताया कि यह फार्म हाउस पूरी तरह से अवैध थे और इनके निर्माण में किसी प्रकार की अनुमति नहीं थी। ज़मीनी सर्वेक्षण से पता चला कि यह प्रॉपर्टीज सरकारी भूमि पर बनी थीं। अवैध निर्माण की इस बाढ़ ने स्थानीय निवासियों की नाराजगी बढ़ा दी थी, जिससे अधिकारियों को इस कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा।

स्थानीय जनसमर्थन

स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। एक निवासी ने कहा, "ये रसूखदार हमारे जीवन में दखल दे रहे थे और अब उनके अवैध फार्म हाउसों का गिरना एक सकारात्मक कदम है।" इससे यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय जनसमुदाय इस कार्रवाई को सही मानता है और अन्य अवैध निर्माणों के खिलाफ और भी कार्रवाई की अपेक्षा कर रहा है।

भविष्य की योजनाएँ

डीटीपी अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि अब वे अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय रहेंगे और ऐसे अवैध निर्माणों को समाप्त करने का अभियान जारी रखेंगे। भविष्य में, अवैध निर्माण की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि स्थानीय समुदाय को सुरक्षित और संरक्षित किया जा सके।

निष्कर्ष

डीटीपी द्वारा मोजमाबाद और किड़ावली क्षेत्र में की गई कार्यवाही न केवल स्थानीय जमीन को बचाने के लिए आवश्यक थी, बल्कि यह एक उदाहरण भी प्रस्तुत करती है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ सरकार कितनी गंभीर है। स्थानीय निवासियों की संतोष का कारण और सुरक्षा का आश्वासन प्रदान करते हुए, यह कार्रवाई शहरी विकास के लिए एक नई दिशा प्रदान कर सकती है।

इसके अलावा, यदि आप अन्य अपडेट्स चाहें तो हमारी वेबसाइट पर जाएं: kharchaapani.com.

Keywords

illegal construction, DTP action, Punjab news, farmhouses demolished, land encroachment, local residents, government intervention, urban development, Moojhabad, Kidavali action, boundary walls dismantled, property controversy

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow