हरिद्वार के कॉलेज भवन के धंसने से एक पीएसी जवान घायल, राहत अभियान जारी
Haridwar News : हरिद्वार जिले के धनौरी में सोमवार को एक हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई। पिरान कलियर थाना क्षेत्र स्थित अमृत लॉ कॉलेज परिसर में बनी एक इमारत का हिस्सा अचानक गिर पड़ा। इस दौरान एक पीएसी जवान के मलबे में दबने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस और राहत टीम ने तत्काल […]
हरिद्वार के कॉलेज भवन के धंसने से एक पीएसी जवान घायल, राहत अभियान जारी
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कम शब्दों में कहें तो, हरिद्वार के धनौरी स्थित अमृत लॉ कॉलेज में सोमवार को अचानक एक इमारत का हिस्सा गिरने से अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में एक पीएसी जवान घायल हो गया, जिसे मलबे से निकालने के लिए राहत टीम ने रेस्क्यू अभियान छेड़ा।
हरिद्वार न्यूज के अनुसार, पीरान कलियर थाना क्षेत्र में अमृत लॉ कॉलेज परिसर के भवन का हिस्सा अचानक गिर पड़ा, जिससे एक पीएसी जवान आदिल मलबे में फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपदा राहत टीम मौके पर पहुंची और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया।
हरिद्वार के धनोरी में कॉलेज की बिल्डिंग गिरी
जानकारी के अनुसार, कानून व्यवस्था की ड्यूटी के लिए पीएसी की एक प्लाटून अमृत लॉ कॉलेज परिसर में ठहरी हुई थी। इसी दौरान, जवान आदिल जब बाथरूम का उपयोग करने गए, तभी अचानक इमारत का एक हिस्सा ढह गया, जिसके परिणामस्वरूप वह मलबे में फंस गए।
मलबे में दबने से एक पीएसी जवान घायल
घटना की जानकारी मिलने पर पिरान कलियर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी ने पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का कार्य शुरू किया। उन्होंने आपदा राहत टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया, ताकि राहत कार्य में तेजी लाई जा सके।

घायल जवान को ऋषिकेश स्थित एम्स के लिए किया रेफर
रेस्क्यू टीम ने काफी प्रयासों के बाद मलबे में दबे जवान आदिल को घायल अवस्था में बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें ऋषिकेश स्थित एम्स में रेफर कर दिया।
घायल जवान आदिल मूल रूप से पौड़ी जिले के निवासी हैं। हादसे के समय उनके साथ अन्य जवान अपनी-अपनी ड्यूटी पर गए हुए थे। फिलहाल, जवान की स्थिति नाजुक बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है।
राहत कार्य के दौरान बचाव दल, पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों ने मिलकर प्रयास किए हैं। यह घटना एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि यह भवन की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाता है। इससे साफ है कि सुरक्षा मानकों का पालन कितना आवश्यक है। आगे भी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।
चूंकि इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और भवन निर्माण के मानदंडों पर बहस छेड़ दी है, स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण संबंधी नियमों को कठोरता से लागू करना ही सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक आवश्यक कदम है।
इस प्रकार की घटनाओं के बाद उच्च अधिकारियों को चाहिए कि वे इस मामले का गहनता से अध्ययन करें और भविष्य में किसी भी संभावित घटना को रोकने के लिए उचित प्रबंध करें। इसके साथ ही, राहत एवं बचाव कार्य में लगे सभी कर्मियों की सराहना की जानी चाहिए।
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सदस्य टीम खर्चा पानी
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