दून बुक फेस्टिवल-2026: मुख्यमंत्री धामी ने किया शानदार शुभारंभ
देहरादून : Doon Book Festival-2026 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून में आयोजित “दून बुक फेस्टिवल-2026” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रकाशकों द्वारा लगाये गये स्टॉल का अवलोकन और गढ़वाली एवं कुमांऊनी पुस्तकों का विमोचन भी किया। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से आयोजित इस […] The post Doon Book Festival-2026 : मुख्यमंत्री धामी ने किया दून बुक फेस्टिवल-2026 का शुभारंभ appeared first on Page Three.
दून बुक फेस्टिवल-2026: मुख्यमंत्री धामी ने किया शानदार शुभारंभ
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून में “दून बुक फेस्टिवल-2026” का विधिवत शुभारंभ किया।
देहरादून में आयोजित “दून बुक फेस्टिवल-2026” का उद्घाटन मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने धूमधाम से किया। इस विशेष अवसर पर, विभिन्न प्रकाशकों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन किया गया और गढ़वाली एवं कुमाऊंनी पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। यह पुस्तक मेला शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया है, जो स्थानीय साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
फेस्टिवल का महत्व
दून बुक फेस्टिवल में पाठक और लेखक सहित कई साहित्य प्रेमी एकत्रित हुए हैं। यह फेस्टिवल न केवल पुस्तक प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म है बल्कि नए लेखकों और प्रकाशकों के लिए अपनी रचनाएँ प्रदर्शित करने का भी अवसर प्रदान करता है।
पुस्तक विमोचन समारोह
मुख्यमंत्री धामी द्वारा गढ़वाली और कुमांऊनी साहित्य की शानदार रचनाओं का विमोचन किया गया, जो उत्तराखंड की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है। इस समारोह में उपस्थित साहित्यकारों ने भी अपने विचार साझा किये और पुस्तक मेले के आयोजन के महत्व पर प्रकाश डाला।
शिक्षा और संस्कृति का संगम
यह फेस्टिवल केवल एक पुस्तक मेला नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण और प्रचार का भी एक अद्वितीय माध्यम है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस आयोजन से युवा पीढ़ी को स्थानीय साहित्य और भाषा के प्रति जागरूक किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा, “उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे आगे बढ़ाने के लिए यह पुस्तक मेला महत्वपूर्ण है। मुझे उम्मीद है कि यह आयोजन सभी को प्रेरित करेगा, विशेष रूप से हमारे युवाओं को, ताकि वे अपने साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर को जान सकें।”
फेस्टिवल में विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी, जैसे कि लेखकों की संगोष्ठियाँ, किताबों की चर्चा और पाठक-लेखक संवाद।
निष्कर्ष
दून बुक फेस्टिवल-2026 ने धामी सरकार के साहित्यिक और सांस्कृतिक विकास के प्रति गंभीरता को दर्शाया है। यह आयोजन न केवल हमारी संस्कृति को परिभाषित करता है, बल्कि हमारे समाज में ज्ञान और साहित्य के प्रति एक नई जागरूकता पैदा करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
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— Team Kharchaa Pani
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