देहरादून: गोदाम में बिजली ठीक करते समय मिस्त्री की करंट से मौत
Dehradun News : देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। शिमला बाईपास स्थित एक निजी गोदाम के बाहर खराब बिजली लाइन ठीक करने के दौरान 40 वर्षीय बिजली मिस्त्री की करंट लगने से मौत हो गई। देहरादून में दर्दनाक हादसा ! पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिमला बाईपास […]
देहरादून: गोदाम में बिजली ठीक करते समय मिस्त्री की करंट से मौत
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में एक दर्दनाक हादसे में 40 वर्षीय मिस्त्री की करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना शनिवार रात पटेलनगर क्षेत्र स्थित एक निजी गोदाम में हुई।
देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। घटना शिमला बाईपास पर स्थित एक निजी गोदाम में घटी, जहां एक बिजली मिस्त्री को खराब बिजली लाइन ठीक करते समय करंट लग गया। जानकारी के अनुसार, मिस्त्री की पहचान 40 वर्षीय संदीप कश्यप के रूप में हुई है।
हादसे का विवरण
पुलिस के मुताबिक, शिमला बाईपास के सैफ एक्सप्रेस गोदाम में रात को अचानक बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई थी। गोदाम के साइट इंजीनियर अर्जुन सिंह ने बताया कि बिजली की खराबी को ठीक करने के लिए गार्ड दुर्गा थापा से किसी स्थानीय बिजली मिस्त्री की व्यवस्था करने को कहा गया।
काम करते वक्त मिस्त्री की गई जान
गार्ड ने अपने पड़ोसी संदीप कश्यप को मौके पर बुलाया। संदीप ने जैसे ही गोदाम पहुंचकर मुख्य प्रवेश द्वार के पास लगे बिजली के पोल पर चढ़कर फॉल्ट ठीक करने का प्रयास शुरू किया, अचानक एक तेज धमाका हुआ। बिजली के झटके की चपेट में आने से वह पोल से नीचे गिर पड़ा।
गोदाम के कर्मचारियों ने तुरंत संदीप को कंपनी के वाहन से सहारा अस्पताल भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक पाई गई और उसे ग्राफिक एरा अस्पताल में रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बड़ोवाला निवासी के रूप में पहचान
मृतक की पहचान संदीप कश्यप (40) पुत्र रामपाल कश्यप, निवासी प्रेमनगर रोड, बड़ोवाला, थाना पटेलनगर के रूप में हुई है।
इस हादसे ने न केवल मृतक के परिवार बल्कि पूरे समुदाय में गहरा सदमा पहुंचाया है। कार्यस्थलों पर सुरक्षा नियमों की अवहेलना के चलते इस तरह के हादसे अक्सर होते हैं, जो कर्मचारियों की जान को खतरे में डालते हैं। सरकार तथा संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि वे ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा मानकों को लागू करें।
हर साल देश में ऐसे कई हादसे होते हैं, जो गंभीर परिणामों का सामना करते हैं। इस घटना ने हमें दोबारा याद दिलाया है कि हमारे आसपास के सुरक्षित कार्य वातावरण को सुनिश्चित करना कितना महत्वपूर्ण है।
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यह खबर हमें बताती है कि सुरक्षा हमेशा पहले आनी चाहिए। इस दर्दनाक घटना के बाद, हमें संगठनों से यह अपेक्षा करनी चाहिए कि वे अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
Team Kharchaa Pani, राधिका शर्मा
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