श्यामा प्रसाद मुखर्जी: ‘370 हटाना है सच्ची श्रद्धांजलि’, पीएम ने दी श्रद्धांजलि

Shyama Prasad Mookerjee : भारतीय जनसंघ के संस्थापक और राष्ट्रवादी विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का योगदान कई क्षेत्रों में रहा। वे एक बेहतरीन विचारक और शिक्षाविद थे। वहीं, गृहमंत्री […] The post Shyama Prasad Mookerjee : ‘370 हटाना सच्ची श्रद्धांजलि’, श्यामा प्रसाद की जयंती पर पीएम ने किया याद appeared first on Page Three.

Jul 6, 2026 - 18:34
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श्यामा प्रसाद मुखर्जी: ‘370 हटाना है सच्ची श्रद्धांजलि’, पीएम ने दी श्रद्धांजलि
Shyama Prasad Mookerjee : भारतीय जनसंघ के संस्थापक और राष्ट्रवादी विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती है

श्यामा प्रसाद मुखर्जी: ‘370 हटाना है सच्ची श्रद्धांजलि’, पीएम ने दी श्रद्धांजलि

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कम शब्दों में कहें तो, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें याद किया और कहा कि अनुच्छेद 370 का हटना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर श्रद्धांजलि

भारतीय जनसंघ के संस्थापक और एक प्रमुख राष्ट्रवादी विचारक, श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा कि डॉ. मुखर्जी का योगदान भारतीय राजनीति और समाज में महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने अपने विचारों और शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया।

डॉ. मुखर्जी का योगदान

डॉ. मुखर्जी ने केवल भारतीय जनसंघ की स्थापना ही नहीं की, बल्कि उन्होंने अपने विचारों से राष्ट्रवाद को नए आयाम दिए। उनका मानना था कि एकता और अखंडता ही हमारे देश की ताकत है। पीएम मोदी ने उनके विचारों की सराहना करते हुए कहा कि मुखर्जी की सोच हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है।

370 हटाना: श्रद्धांजलि का प्रतीक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का हटाना डॉ. मुखर्जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने बताया कि यह कदम उनके सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे जम्मू-कश्मीर में विकास और समृद्धि की नई राह खुली है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी डॉ. मुखर्जी की योगदान की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वतंत्रता के लिए डॉ. मुखर्जी का संघर्ष मात्र एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास का प्रतीक है।

डॉ. मुखर्जी का शिक्षाविद् स्वरूप

श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनेता ही नहीं थे, बल्कि वे एक बेहतरीन विचारक और शिक्षाविद् भी थे। उनके विचारों ने कई नई सोच को जन्म दिया। उन्होंने शिक्षा को सशक्तिकरण का माध्यम समझा और हमेशा उत्कृष्टता की ओर प्रेरित किया।

समाज में कर सकें बदलाव

डॉ. मुखर्जी की जयंती पर उनके विचारों का स्मरण करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों को अपनाए और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सके। उन्होंने हमें सिखाया कि सभी समुदायों का सम्मान करना चाहिए और एकता में ही बल है।

निष्कर्ष

इस भव्य अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डॉ. मुखर्जी को दी गई श्रद्धांजलि न केवल उनके प्रति सम्मान है, बल्कि यह राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद करने का भी एक तरीका है। अनुच्छेद 370 के हटाने को लेकर उनका दृष्टिकोण हमें प्रेरित करता है कि हम सभी भारतीयों को एकजुट होकर देश की सेवा करनी चाहिए।

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सादर, टीम खरचा पानी - प्रियंका शर्मा

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