लोहिया संस्थान के बाहर 108 एंबुलेंस चालक और ईएमटी से मारपीट, निजी अस्पताल में मरीज ले जाने का बना रहे थे दबाव
नृपेंद्र विक्रम सिंह लखनऊ सरकारी एंबुलेंस सेवा में सेंधमारी का आरोप, निजी अस्पतालों के कथित दलालों की भूमिका पर उठे सवाल लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बाहर निजी अस्पतालों के कथित दलालों की मनमानी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि अयोध्या से मरीज लेकर आए सरकारी 108 एंबुलेंस के […] The post लोहिया संस्थान के बाहर 108 एंबुलेंस चालक और ईएमटी से मारपीट, निजी अस्पताल में मरीज ले जाने का बना रहे थे दबाव appeared first on Just Action.
नृपेंद्र विक्रम सिंह
लखनऊ
सरकारी एंबुलेंस सेवा में सेंधमारी का आरोप, निजी अस्पतालों के कथित दलालों की भूमिका पर उठे सवाल
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बाहर निजी अस्पतालों के कथित दलालों की मनमानी का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि अयोध्या से मरीज लेकर आए सरकारी 108 एंबुलेंस के चालक और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) ने जब मरीज को लोहिया संस्थान में भर्ती कराया, तो इससे नाराज निजी अस्पतालों से जुड़े कथित दलालों ने एंबुलेंस रोककर दोनों के साथ मारपीट की। आरोप है कि दलाल मरीज को निजी अस्पताल ले जाने का दबाव बना रहे थे।
जानकारी के मुताबिक, अयोध्या से मरीज लेकर रवाना होने के बाद ही एंबुलेंस चालक और ईएमटी के पास कथित दलालों के फोन आने शुरू हो गए थे। लोहिया संस्थान में मरीज को छोड़ने के बाद जैसे ही एंबुलेंस परिसर से बाहर निकली, उसे रोककर चालक और ईएमटी के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। इस घटना ने सरकारी एंबुलेंस कर्मियों की सुरक्षा और मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकारी एंबुलेंस से मरीजों को जबरन निजी अस्पताल ले जाने का आरोप
आरोप है कि लोहिया संस्थान सहित कुछ सरकारी अस्पतालों के आसपास निजी अस्पतालों के कथित दलाल सक्रिय रहते हैं। ये दलाल मरीजों और उनके तीमारदारों को निजी अस्पतालों में ले जाने के लिए कथित तौर पर दबाव बनाते हैं। यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर सरकारी एंबुलेंस कर्मियों को धमकाकर मरीजों को एंबुलेंस से उतारकर निजी अस्पतालों में ले जाया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग और संबंधित जिलों के कुछ सरकारी अस्पतालों में तैनात कर्मचारियों एवं अधिकारियों की कथित मिलीभगत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि 108 एंबुलेंस सेवा पर मरीज की कॉल आते ही कुछ लोग सक्रिय हो जाते हैं और मरीज को सरकारी अस्पताल पहुंचाने के बजाय निजी अस्पताल ले जाने की कोशिश करते हैं।
स्वास्थ्य विभाग से जांच और कार्रवाई की मांग
यदि सरकारी एंबुलेंस सेवा का इस्तेमाल मरीजों को निजी अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए दबाव बनाने में किया जा रहा है, तो यह मरीजों के हितों और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर विषय है। एंबुलेंस कर्मियों के साथ कथित मारपीट की निष्पक्ष जांच, अस्पताल परिसर के आसपास सक्रिय दलालों की पहचान तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।
अस्पताल प्रशासन,स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन मामले का संज्ञान लेकर सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और संबंधित कर्मचारियों के बयान के आधार पर जांच कर रहा है।
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