दिल्ली में उठी आवाज: जंतर-मंतर जा रहे उत्तराखंड के नेताओं और छात्रों की गिरफ्तारी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे उत्तराखंड के कई लोगों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कनॉट प्लेस से जंतर-मंतर जा रहे थे उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के नेता उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अनुसार, केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी, संस्थापक … The post जंतर-मंतर जा रहे उत्तराखंड के नेताओं को पुलिस ने पकड़ा, दो छात्रों को भी किया गिरफ्तार appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.

Oct 10, 2026 - 18:34
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दिल्ली में उठी आवाज: जंतर-मंतर जा रहे उत्तराखंड के नेताओं और छात्रों की गिरफ्तारी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन

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कम शब्दों में कहें तो, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर हो रहे एक प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के कई नेताओं और दो दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है। ये लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।

दिल्ली में उठी आवाज: जंतर-मंतर जा रहे उत्तराखंड के नेताओं और छात्रों की गिरफ्तारी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने जा रहे कई उत्तराखंडवासी, जिसमें प्रमुख राजनीतिक नेता और छात्र भी शामिल थे, को दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।

कनॉट प्लेस से जंतर-मंतर की ओर निकले थे नेता

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अनुसार, उनके केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी, संस्थापक अध्यक्ष पीसी तिवारी, और सामाजिक कार्यकर्ता कैसर राणा समेत अन्य कार्यकर्ता कनॉट प्लेस के निकट से जुलूस की शक्ल में जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे। जब ये लोग जंतर-मंतर के नजदीक पहुंचे, तब दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पार्टी का आरोप है कि शांतिपूर्ण मार्च कर रहे राजनीतिक नेताओं को गिरफ्तार करना उनकी आवाज को बंद करने का प्रयास है।

नैनीताल के दो छात्रों की गिरफ्तारी

गिरफ्तार किए गए लोगों में नैनीताल के बिंदुखत्ता निवासी अंजलि और दीपक शामिल हैं, जो दोनों दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र हैं। खबरों के अनुसार, उन्हें उस समय गिरफ्तार किया गया जब वे भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इस घटना ने युवा छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच दिल्ली पुलिस के खिलाफ रोष पैदा किया है।

गिरफ्तारी का विरोध: लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने जेल में डाले गए अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया है। पार्टी का कहना है कि पहले रेलगाड़ियों और मेट्रो स्टेशनों को बंद करके इस प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की गई और अब शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। यह स्थिति चिंताजनक है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।

इस घटनाक्रम ने इस बात की ओर भी ध्यान खींचा है कि सरकारें किस प्रकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही हैं। क्या लोकतंत्र का यह बुनियादी सिद्धांत खतरे में है?

अगले कुछ दिनों में इस मामले पर राजनीतिक चर्चाएं तेज होंगी। हालाँकि, लाखों लोगों की आवाज़ खोने का कोई विकल्प नहीं होना चाहिए। हम सभी को एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा करनी होगी।

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— Team Kharchaa Pani, सुमित्रा

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