जागतोली दशज्यूला महोत्सव: नन्दा अष्टमी पर स्थानीय संस्कृति का भव्य प्रदर्शन

पांच दिवसीय महोत्सव में लोक संस्कृति के रंगों से सजा जागतोली, विद्यालयों व महिला मंगल दलों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां ऊखीमठ। नन्दा अष्टमी के पावन अवसर पर जागतोली के विशाल क्रीड़ा मैदान में पांच दिवसीय जागतोली दशज्यूला महोत्सव का रंगारंग आगाज हुआ। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, कलाकारों और महिला […] The post नन्दा अष्टमी पर जागतोली दशज्यूला महोत्सव का रंगारंग आगाज appeared first on Uttarakhand 24X7.

Sep 20, 2026 - 09:34
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जागतोली दशज्यूला महोत्सव: नन्दा अष्टमी पर स्थानीय संस्कृति का भव्य प्रदर्शन

जागतोली दशज्यूला महोत्सव: नन्दा अष्टमी पर स्थानीय संस्कृति का भव्य प्रदर्शन

कम शब्दों में कहें तो, नन्दा अष्टमी के मौके पर जागतोली में हुई पांच दिवसीय दशज्यूला महोत्सव ने लोक संस्कृति और परंपराओं का अद्वितीय प्रदर्शन किया।

ऊखीमठ में नन्दा अष्टमी के अवसर पर जागतोली के विशाल क्रीड़ा मैदान में पांच दिवसीय जागतोली दशज्यूला महोत्सव का भव्य उद्घाटन हुआ। इस महोत्सव में स्थानीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, कलाकारों और विभिन्न महिला मंगल दलों ने लोकगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक पेश की।

विशिष्ट अतिथियों का स्वागत

इस महोत्सव का उद्घाटन केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्हें राज्यमंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट और भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमन जमलोकी द्वारा विशिष्ट अतिथि के तौर पर सम्मानित किया गया।

महोत्सव में उपस्थित दर्शकों को पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों ने मंत्रमुग्ध कर दिया। विधायक आशा नौटियाल ने इस महोत्सव को पर्वतीय क्षेत्रों की लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, "इस महोत्सव का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना और सांस्कृतिक विरासत को संजोना है।"

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और कार्यक्रम

राज्यमंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने इस मौके पर कहा कि दशज्यूला की धरती पर आयोजित इस महोत्सव का इतिहास और महत्व है। उन्होंने इसे क्षेत्र की धार्मिक और पौराणिक परंपराओं को विकसित करने का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम बताया।

महोत्सव के आयोजक एवं अध्यक्ष जयवर्धन काण्डपाल ने अतिथियों का आभार प्रकट किया, और महासचिव कालिका काण्डपाल ने दशज्यूला क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र काण्डपाल, वीरेन्द्र बर्त्वाल और नमिता काण्डपाल ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालयों के छात्रों ने विभिन्न लोकगीतों और लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। महिला मंगल दलों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में खूबसूरत लोकगीत और नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी

महोत्सव परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए हैं, जहां ग्रामीणों और काश्तकारों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। महोत्सव में उपस्थित ग्रामीणों में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखा गया है।

इस महोत्सव के माध्यम से जहां स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच मिल रहा है, वहीं यह क्षेत्र की लोक संस्कृति, रीति-रिवाजों और परंपराओं को जीवन्त बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण भी बनता है।

इस प्रकार, नन्दा अष्टमी पर आयोजित यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का कार्य करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है। इस आयोजन ने क्षेत्रवासियों को एकजुट कर उनके बीच भाईचारे की भावना को भी प्रबल किया है।

इस विशेष अवसर पर देशभक्ति और संस्कृति का जो जश्न मनाया गया है, वह आने वाले समय में भी याद किया जाएगा।

अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए कृपया हमारी वेबसाइट पर जाएं: खर्चा पानी।

सादर,

टीम खर्चा पानी

सम्पूर्णता में अद्वितीय महोत्सव

यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, अपितु हमारे सामाजिक ढांचे को एकजुट करने का भी एक माध्यम है। जागतोली दशज्यूला महोत्सव ने न सिर्फ स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान किया, बल्कि यह एक ऐसा आयोजन भी बना जो पूरे समुदाय में एकजुटता और सांस्कृतिक गर्व का अनुभव कराता है। इस महोत्सव की गूंज आने वाले वर्षों में भी सुनाई देगी।

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