CM धामी ने 26 मदरसों को प्रमाण-पत्र बांटे, शिक्षा में रोजगारपरकता की आवश्यकता पर जोर

Dehradun News : देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों यानी मदरसों को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। यह कार्यक्रम आईआरडीटी सभागार में उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम थी—“नई पहचान, नया सम्मान: आधुनिक शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य।” CM धामी ने 26 […]

Sep 3, 2026 - 09:34
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CM धामी ने 26 मदरसों को प्रमाण-पत्र बांटे, शिक्षा में रोजगारपरकता की आवश्यकता पर जोर

CM धामी ने 26 मदरसों को प्रमाण-पत्र बांटे

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों (मदरसों) को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। यह कार्यक्रम आईआरडीटी सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम थी—“नई पहचान, नया सम्मान: आधुनिक शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य।”

सीएम धामी ने कहा कि यह समर्पण राज्य सरकार की शिक्षा के क्षेत्र में निरंतरता और नवाचार की भावना को दर्शाता है।

प्रमाण-पत्र का महत्व

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में मान्यता मिलना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह दिखाता है कि राज्य सरकार हर वर्ग को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आगामी समय में शिक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।

आधुनिक शिक्षा की आवश्यकता

उन्होंने जोर दिया कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का लक्ष्य बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि परंपराओं का महत्व है, लेकिन आज का समय विज्ञान, तकनीक और नवाचार का है। इस दृष्टिकोण से बच्चों को शिक्षा देना अति आवश्यक हो गया है।

रोजगारपरक शिक्षा का महत्व

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि बच्चों को ऐसी शिक्षा दी जानी चाहिए, जिससे उनकी प्रतिभा निखर सके और वे अपने करियर में बेहतर विकल्प चुन सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आज के प्रतियोगी युग में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। बच्चों को व्यावहारिक और रोजगारपरक शिक्षा से भी जोड़ा जाना चाहिए ताकि वे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और कई अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल कर सकें।

UCC और शिक्षा प्राधिकरण के संबंध में

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का किसी वर्ग विशेष को निशाना बनाना नहीं है। UCC का उद्देश्य सभी वर्गों को समान अवसर प्रदान करना है। इसी प्रकार, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का उद्देश्य भी बच्चों को बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराना है।

उन्होंने सभी वर्गों के लिए समान अवसर बनाने की दिशा में सरकार की नीतियों पर भी विचार विमर्श किया।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर जोर देकर कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को एक उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाना है, और इसके लिए समर्पण और मेहनत की आवश्यकता है।

आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में इस तरह के कदम महत्वपूर्ण हैं, जो आने वाले पीढ़ियों के लिए न केवल ज्ञान, बल्कि रोजगार के अवसर भी प्रदान कर सकता है।

अंतिम शब्दों में, मुख्यमंत्री ने शिक्षा प्रणाली में रोजगारपरकता को प्राथमिकता देते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को इसका पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “यह समय है कि हम बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ना दें, बल्कि उन्हें实际 में भी काम करने योग्य और सक्षम बनाएं।”

शिक्षा को इस दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें Kharchaa Pani.

Team Kharchaa Pani
नेहा सिंह

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