मुख्य सचिव ने प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा, संचालन में तेजी लाने के दिए निर्देश
रोपवे परियोजनाओं के लिए रोपवे रेग्यूलेषन और रूल्स शीघ्र हों जारीः मुख्य सचिव* मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने बुधवार को प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने ब्रिडकुल को प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं के प्रभावी संचालन एवं नियमन के लिए रोपवे रेग्यूलेषन और रूल्स शीघ्र जारी करने […] The post मुख्य सचिव ने की प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा,रोपवे परियोजनाओं में तेजी लाने के दिए निर्देश. appeared first on Uttarakhand 24X7.
मुख्य सचिव ने प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा, संचालन में तेजी लाने के दिए निर्देश
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में चल रही एवं प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को तेजी से आगे बढ़ने के निर्देश दिए और कहा कि रोपवे रेग्यूलेशन एवं रूल्स जल्द जारी किए जाएं।
इस बुधवार को मुख्य सचिव ने विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ब्रिडकुल को आदेश दिए कि प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं के प्रभावी संचालन एवं नियमन के लिए नियमों को शीघ्रता से लागू किया जाए। यह स्पष्ट किया गया कि सभी अधिकारियों को लंबित मामलों, भूमि संबंधी मुद्दों और आपसी समन्वय से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के लिए कहा गया है।
पर्वतीय क्षेत्र में रोपवे की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्य सचिव ने इस बात पर बल दिया कि पर्वतीय क्षेत्रों में रोपवे कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने से प्रदेश की पर्यटन और यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय बदलाव आ सकता है। इस दृष्टिकोण से, सभी परियोजनाओं में समय की पाबंदी, गुणवत्ता और समन्वय पर ध्यान देने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि रोपवे परियोजनाओं में पार्किंग डेवलपमेंट को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए, जिससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को बेहतर यातायात सेवाएँ मिल सकें।
केदारनाथधाम और हेमकुंड साहिब की परियोजनाओं पर विशेष ध्यान
मुख्य सचिव ने केदारनाथधाम और हेमकुंड साहिब रोपवे की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि परियोजनाओं की कार्यवाही में तेजी लाई जाए। इसके अलावा, उन्होंने जिला प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने की बात की।
नैनीताल क्षेत्र की रोपवे परियोजनाओं में समन्वय
नैनीताल क्षेत्र की विभिन्न रोपवे परियोजनाओं के दौरान मुख्य सचिव ने रानीबाग-ज्योलीकोट-हनुमानगढ़ी-कैंचीधाम और रानीबाग-भीमताल-भवाली रोपवे परियोजनाओं में एनएचएलएमएल और यूकेएमआरसी के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने यूकेएमआरसी के प्रोजेक्ट की अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
योजनाओं की नियमित एवं प्रभावी समीक्षा
मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित जोशीमठ-औली-गोरसों, रैथल-बारसू, और पुरकुल रोपवे परियोजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने इन परियोजनाओं के नियमित समिक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रिया को समय पर पूरा करने की आवश्यकता बताई। इसके अलावा, यमुनोत्री-जानकी चट्टी, हनुमानचट्टी-पूर्णागिरि एवं तपोवन-कुंजपुरा रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने ऐसे सभी लंबित कार्यों को जल्दी से खत्म करने का निर्देश दिया।
मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि संबंधी मुद्दे निपटाने से आगे की सभी प्रक्रियाओं में विलंब नहीं होनी चाहिए। इस बैठक में सचिव श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव श्री विनीत कुमार और एनएचएलएमएल और यूकेएमआरसी के अधिकारी तथा संबंधित जिला के जिलाधिकारी भी उपस्थित थे।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा के बाद, यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश सरकार रोपवे परियोजनाओं को तेजी से कार्यान्वित करने के लिए संकल्पित है ताकि पर्यटन और यातायात को बढ़ावा दिया जा सके।
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सादर, टीम खर्चा पानी - साक्षी कुमारी
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