हरिद्वार में सुलभ शौचालयों में जबरन वसूली का मामला: पूरा सच सामने आया
सोशल मीडिया पर हरिद्वार का एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसने सार्वजनिक शौचालयों में कथित वसूली गैंग की पोल खोल दी है। दरअसल ये पूरा मामला हरिद्वार का है जहां पर एक कांग्रेस नेता यात्री बनकर पहुंच गए। इसके बाद जो हुआ उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। सुलभ शौचालय मुफ्त, … The post सुलभ शौचालय मुफ्त, फिर भी जबरन वसूली, हरिद्वार में नेता से ही मांग लिए पैसे appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.
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कम शब्दों में कहें तो, हरिद्वार में सुलभ शौचालयों में जबरन वसूली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक कांग्रेस नेता को ही पैसे देने के लिए मजबूर किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
हरिद्वार में सुलभ शौचालय मुफ्त, फिर भी जबरन वसूली
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने हरिद्वार के सुलभ शौचालयों में वसूली गैंग के सक्रिय होने की पोल खोल दी है। इस मामले में कांग्रेस नेता अशोक शर्मा ने स्वयं आम यात्री का रूप धारण कर शौचालय में प्रवेश किया और वहां जो कुछ हुआ, उसने सबको दंग कर दिया।
कांग्रेस नेता ने खुद बनकर किया उद्घाटन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अशोक शर्मा ने यह जानने के लिए कि क्या वाकई कॉमन शौचालयों में वसूली हो रही है, खुद एक आम यात्री बनकर सुलभ शौचालय पहुंचे। उनका उद्देश्य था कि वे उन शिकायतों की सत्यता का पता लगा सकें जो कुछ समय से सामने आ रही थीं।
पैसे मांगने का मामला
जब अशोक शर्मा ने शौचालय का उपयोग किया, तो बाहर निकलते ही वहां मौजूद कर्मचारी ने उनसे शौचालय के उपयोग के लिए 10 रुपये की मांग की। यह हैरान करने वाला तथ्य है कि जो सुविधा नगर निगम द्वारा नागरिकों के लिए मुफ्त में उपलब्ध कराई गई है, उसके लिए उनसे चार्ज लिया जा रहा था।
मोबाइल में किया गया रिकॉर्डिंग
इसी के चलते पार्षद सुनील कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में साफ दिख रहा था कि कैसे कर्मचारी बिना किसी संकोच के पैसे मांग रहा था और जब उससे इस संबंध में सवाल किए गए, तो वह बहस करने लगा। इससे स्पष्ट होता है कि उन्हें किसी प्रकार की कार्रवाई का डर नहीं है।
अशोक शर्मा ने सिस्टम पर उठाए सवाल
इस लूट का मामला सामने आने के बाद, अशोक शर्मा ने प्रशासन से सीधे सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि यह शौचालय खुले में मल त्याग करने से रोकने के लिए बनाए गए हैं, न कि इनकी आड़ में टॉयलेट संचालकों की तिजोरी भरने के लिए।
अशोक शर्मा ने यह भी मांग की है कि हरिद्वार के सभी सुलभ और सार्वजनिक शौचालयों के बाहर एक बड़े बोर्ड पर रेट लिस्ट लगाई जाए, ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों को स्पष्टता हो कि किस सेवा का चार्ज क्या है। इस वायरल वीडियो और कांग्रेस नेता के आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है, और लोग प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
यह घटना हरिद्वार के प्रशासन और लोक सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर करती है कि जरूरी सेवाएँ सच्चे अर्थों में लोगों की सेवा में हों।
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सादर,
टीम खर्चा पानी - सविता रानी
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