सर्राफ मंडल की आभूषण प्रदर्शनी में सीएम धामी की उपस्थिति, पारंपरिक आभूषणों को मिलेगी वैश्विक पहचान
देहरादून में सर्राफ मंडल की ओर से आयोजित आभूषण प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न प्रकार के आभूषणों, पारंपरिक डिजाइनों और स्वर्णकारों की कला एवं हुनर को देखा। उन्होंने आयोजन के लिए सर्राफ मंडल और स्वर्णकार समाज को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सर्राफ मंडल … The post सर्राफ मंडल की प्रदर्शनी में पहुंचे CM, बोले पारंपरिक आभूषणों को मिलेगी ग्लोबल पहचान appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.
सर्राफ मंडल की आभूषण प्रदर्शनी में सीएम धामी की उपस्थिति
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में आयोजित आभूषण प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पारंपरिक आभूषणों की महत्ता और उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
देहरादून में सर्राफ मंडल की ओर से आयोजित एक भव्य आभूषण प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने हाथों से उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभिन्न प्रकार के आभूषणों के साथ-साथ पारंपरिक डिजाइनों और स्वर्णकारों के कला कौशल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए सर्राफ मंडल और स्वर्णकार समाज को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
पारंपरिक आभूषणों को नई पहचान
सीएम धामी ने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार के आयोजन भारतीय कला, संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण श्रेय देते हैं। उन्होंने कहा कि स्वर्णकार समाज मात्र आभूषण बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे भारत की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक भी हैं। विवाह, त्योहारों, और धार्मिक अनुष्ठानों में आभूषणों की भूमिका हमारी परंपराओं, भावनाओं और सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित करती है।
भारत सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाए जा रहे 'वोकल फॉर लोकल', 'मेक इन इंडिया', 'मेड इन इंडिया' तथा 'स्टार्टअप इंडिया' जैसे प्रयासों के माध्यम से, देश के कारीगरों को नए अवसर और पहचान प्राप्त हो रहे हैं। सीएम के अनुसार, 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य के अनुसार, भारत को वैश्विक ज्वैलरी मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइनिंग का प्रमुख हब बनाने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं।
स्वर्णकार समाज का सशक्तिकरण
उत्तराखंड राज्य सरकार पारंपरिक कौशल और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने में संलग्न है। मुख्यमंत्री ने राज्य के समृद्ध पारंपरिक आभूषणों जैसे गढ़वाली नथ, पौंजी, चंपाकली हार, कुमाऊंनी गुलोबंद, और झुमका को राष्ट्रीय तथा वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
सीएम धामी ने 'लोकल टू ग्लोबल' के लक्ष्य को पाने के लिए पारंपरिक डिजाइनों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार विकसित करने की बात की। उन्होंने कहा कि इससे ना केवल स्थानीय कारीगरों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि युवा पीढ़ी भी अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के प्रति अधिक जागरूक होगी।
सरकार की योजनाएं और प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने पारंपरिक आभूषणों के संरक्षण और स्वर्णकार समाज के कौशल विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में योजनाएँ तैयार की जा रही हैं ताकि स्वर्णकारों और कारीगरों को सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें। राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को देश का 'सर्वश्रेष्ठ राज्य' बनाना है, और इसके लिए सक्रिय सहयोग और सहभागिता की आवश्यकता है।
सीएम धामी ने सर्राफ मंडल और स्वर्णकार समाज से आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें इस मिशन में भागीदार बनने का अवसर लेना चाहिए, ताकि उत्तराखंड की पारंपरिक आभूषणों को सार्थक पहचान मिल सके।
अंत में, सीएम ने कहा कि यह प्रदर्शनी न केवल आभूषणों की महत्ता का प्रदर्शन करती है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और समृद्ध विरासत की पहचान भी है।
इसके अलावा, इस प्रकार के आयोजनों से पारंपरिक आभूषणों को आधुनिकता के साथ जोड़कर उन्हें एक नया स्वरूप देने का अवसर मिलता है।
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— Team Kharchaa Pani, प्रियंका यादव
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