उत्तराखंड में पुरानी पेंशन बहाली के लिए कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन, बारिश में उमड़ा जनसैलाब
पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (NMOPS) के बैनर तले रविवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कर्मचारियों का ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। मूसलाधार बारिश के बावजूद राज्य के सभी 13 जिलों पिथौरागढ़, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और देहरादून से पहुंचे हजारों शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों … The post पुरानी पेंशन बहाली की मांग लेकर दून में गरजे कर्मचारी, भारी बारिश के उमड़ा जनसैलाब appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर मूसलाधार बारिश में भी अपनी ताकत का एहसास कराया।
रविवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (NMOPS) के बैनर तले हजारों कर्मचारी एकजुट हुए। वहाँ मूसलाधार बारिश के बावजूद राज्य के सभी 13 जिलों— जैसे पिथौरागढ़, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और देहरादून— से शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। यह ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन परेड ग्राउंड पर हुआ, जहाँ सभी ने अपनी मांगों को लेकर आवाज़ उठाई।
पुरानी पेंशन बहाली की मांग लेकर दून में गरजे कर्मचारी
कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू करने और शिक्षकों के लिए अनिवार्य TET (टीचर एंट्रेंस टेस्ट) की बाध्यता समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। इस विशाल महा रैली में मातृशक्ति, शिक्षकों, फार्मासिस्टों, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, वन विभाग, रेशम विभाग और सचिवालय समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया।
एनपीएस और यूपीएस के खिलाफ नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लागू न्यू पेंशन स्कीम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को खारिज कर दिया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि ये योजनाएं कर्मचारियों के भविष्य के लिए सुरक्षित नहीं हैं। संगठन ने अविलंब मांग की कि सरकार पुरानी पेंशन योजना बहाल करे, जिससे कर्मचारियों को सुरक्षा प्राप्त हो सके।
महारैली में NMOPS के राष्ट्रीय महासचिव (तेलंगाना) और हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने भी भाग लिया और कहा कि देशभर में इस आंदोलन ने नई ऊर्जा और मजबूती प्राप्त की है। उत्तराखंड के कर्मचारियों की एकजुटता इस आंदोलन को और प्रगति देने में सहायक होगी।
ये है मुख्य मांगें
- उत्तराखंड में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को तत्काल बहाल किया जाए।
- NPS एवं UPS को समाप्त कर कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
- शिक्षकों के लिए TET की बाध्यता समाप्त की जाए।
सचिवालय संघ और विभिन्न महासंघों का मिला पूर्ण समर्थन
इस आंदोलन को राज्य के प्रमुख संगठनों का व्यापक समर्थन मिला। उत्तराखंड सचिवालय संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश जोशी, महासचिव राजेंद्र रतूड़ी, और अन्य कई पदाधिकारियों ने भी मंच साझा किया।
इसके साथ ही, डिप्लोमा फार्मेसी एसोसिएशन की अध्यक्ष सुधा कुकुरेती और अन्य विभागीय महासंघों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे।
मुख्यमंत्री के समन्वयक को सौंपा ज्ञापन
परेड ग्राउंड से शुरू हुआ शांतिपूर्ण जुलूस मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ा, जहाँ कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समन्वयक को ज्ञापन सौंपा। समन्वयक ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के अंदर NMOPS के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री के साथ औपचारिक वार्ता की जाएगी।
NMOPS के प्रांतीय अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली, प्रांतीय महामंत्री इं. मुकेश रतूड़ी, और अन्य नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों का सकारात्मक समाधान नहीं निकाला, तो वे कार्यबहिष्कार और आंदोलन का बढ़ावा देंगे।
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