7 सितंबर को कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों का दक्षता आधारित आकलन, कमजोर विद्यार्थियों के लिए रेमिडियल टीचिंग कार्ययोजना

7 सितंबर को होगा कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों का दक्षता आधारित आकलन कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए बनेगी रेमिडियल टीचिंग की कार्ययोजना रुद्रप्रयाग। राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की वास्तविक अधिगम स्थिति का पता लगाने के लिए दक्षता आधारित आकलन किया जाएगा। प्रथम चरण में जनपद के सभी राजकीय विद्यालयों […] The post 7 सितंबर को होगा कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों का दक्षता आधारित आकलन कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए बनेगी रेमिडियल टीचिंग की कार्ययोजना appeared first on Uttarakhand 24X7.

Sep 4, 2026 - 00:34
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7 सितंबर को कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों का दक्षता आधारित आकलन, कमजोर विद्यार्थियों के लिए रेमिडियल टीचिंग कार्ययोजना

7 सितंबर को कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों का दक्षता आधारित आकलन

कम शब्दों में कहें तो, 7 सितंबर को राजकीय विद्यालयों में कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों का दक्षता आधारित आकलन किया जाएगा, जिसमें कमजोर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के लिए रेमिडियल टीचिंग की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Kharchaa Pani

रुद्रप्रयाग में होने वाला आकलन

रुद्रप्रयाग में राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की वास्तविक अधिगम स्थिति का पता लगाने के लिए दक्षता आधारित आकलन किया जाएगा। यह आकलन 7 सितंबर को जनपद के सभी राजकीय विद्यालयों में कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान, उन विद्यार्थियों की पहचान की जाएगी जो अपेक्षा से कम प्रदर्शन कर रहे हैं, और उनके लिए सुधारात्मक शिक्षण यानी रेमिडियल टीचिंग की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

मुख्य शिक्षा अधिकारी का दृष्टिकोण

मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार, विद्यार्थियों की अधिगम स्थिति की वास्तविकता जानने के लिए यह आकलन आवश्यक है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में निर्धारित दक्षताओं की स्थिति का पता लगाकर उनके शैक्षणिक स्तर में सुधार करना है।

आकलन के विषय

आकलन के दौरान कक्षा 2 के विद्यार्थियों का हिंदी एवं गणित, कक्षा 5 का हिंदी, गणित एवं पर्यावरण, तथा कक्षा 8 का हिंदी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों का आकलन किया जाएगा। आकलन के परिणाम के आधार पर, विद्यार्थियों के प्रदर्शन का कक्षावार एवं दक्षतावार विश्लेषण किया जाएगा, जिससे कमजोर दक्षता वाले विद्यार्थियों के लिये सुधारात्मक शिक्षण योजना बनाई जाएगी।

आवश्यक निर्देश

सीईओ ने सभी खंड एवं उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि दक्षता आधारित आकलन के प्रश्नपत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) से उपलब्ध कराए जाएं, जिन्हें अनिवार्य रूप से 6 सितंबर तक सभी राजकीय विद्यालयों में पहुंचाया जाए। पहले आकलन के बाद, 28 सितंबर को मध्यावधि आकलन भी किया जाएगा। उन्होंने सभी विद्यालयों में शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की आकलन परीक्षा में सहभागिता सुनिश्चित करने की भी बात कही।

अभिभावकों की भूमिका

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि दक्षता आधारित आकलन के संबंध में प्रत्येक कार्य दिवस विद्यालय की प्रार्थना सभा में छात्र-छात्राओं को जानकारी दी जाए। साथ ही, अभिभावकों को भी इस गतिविधि के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए और विद्यालय प्रबंधन समितियों का सहयोग लिया जाए।

मध्यावधि समीक्षा और सहायता

मध्यावधि समीक्षा के बाद, कमजोर दक्षता वाले विद्यालयों में बीआरपी, सीआरपी, डायट फैकल्टी और शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत एनजीओ के माध्यम से सहयोग दिया जाएगा। कार्यक्रम के संचालन के लिए विकासखंड स्तर पर नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं।

नोडल अधिकारियों की नियुक्ति

अगस्त्यमुनि विकासखंड के लिए डीओ माध्यमिक श्रीमती सोनी मेहरा, ऊखीमठ के लिए खंड शिक्षा अधिकारी यशवीर रावत और जखोली के लिए उप शिक्षा अधिकारी तनुजा देवड़ाड़ी को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। इनके सहयोग के लिए बीआरपी/सीआरपी को भी नियुक्त किया गया है। हर तीन न्याय पंचायतों पर एक मेंटर की तैनाती की जाएगी।

आकलन प्रक्रिया की निगरानी

आकलन प्रक्रिया का अनुश्रवण डायट प्राचार्य, मुख्य शिक्षा अधिकारी और एससीईआरटी से नामित अधिकारी करेंगे। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी राजकीय विद्यालयों से आकलन में शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है।

राजकीय विद्यालयों में यह आकलन और सुधारात्मक शिक्षण प्रयास छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें। इसके साथ ही, छात्रों की वास्तविक अधिगम स्थिति जानने का यह प्रयास उनकी भविष्य की शैक्षणिक सफलता की दिशा में एक सकारात्मक कदम हो सकता है।

अधिक अपडेट के लिए, कृपया हमारी वेबसाइटसादर,
टीम खर्चा पानी सृष्टि भटनागर

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