7 वर्षीय गोलू पुरी ने पर्यावरण संरक्षण की पेश की अद्वितीय मिसाल, दो वर्षों से पौधे लगाते आ रहे हैं
Garur News Today गरूड़ के महज 7 वर्ष के गोलू पुरी ने पेश की मिसाल, दो साल से पौधे लगाकर दे रहें हैं पर्यावरण संरक्षण का संदेश Garur News Today उम्र महज 7 साल, लेकिन प्रकृति को बचाने का जज्बा किसी बड़े पर्यावरण प्रेमी से कम नहीं। बागेश्वर जिले के गरुड़ क्षेत्र के मजकोट गांव […] The post गरुड़ के 7 साल के गोलू पुरी ने पेश की मिसाल, दो साल से पौधे लगाकर दे रहे पर्यावरण संरक्षण का संदेश appeared first on Uttarakhand News - Latest Breaking News, Samachar & Updates | Devbhoomi Darshan.
7 वर्षीय गोलू पुरी: प्रकृति का असली रक्षक
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कम शब्दों में कहें तो, बागेश्वर जिले के गरुड़ क्षेत्र के मजकोट गांव के 7 वर्षीय गोलू पुरी ने अपने छोटे से उम्र में ही प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अद्वितीय उदाहरण पेश किया है। पिछले दो सालों से यह छोटा लड़का पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहा है।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक
गोलू ने अपने गांव में न केवल पौधे लगाए हैं, बल्कि वह अन्य बच्चों और गांव के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहा है। आज जब समूची दुनिया जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय संकट का सामना कर रही है, ऐसे में गोलू जैसे बच्चों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।
किस प्रकार गोलू ने यह यात्रा शुरू की?
गोलू के पिता ने बताया, "गोलू को हमेशा से पेड़-पौधों के बारे में सीखने का शौक था। उसने 5 साल की उम्र में ही वृक्षारोपण करने का निश्चय किया था।" पहले तो यह सिर्फ एक खेल की तरह था, लेकिन धीरे-धीरे गोलू ने इसे अपनी जिम्मेदारी समझा और अब यह उसकी दिनचर्या का एक हिस्सा बन गया है।
पौधे लगाना से आसान है
गोलू ने अपनी छोटी सी उम्र में यह साबित कर दिया है कि पौधे लगाना कितना आसान है और इसके लिए किसी बड़े संसाधन या योजना की आवश्यकता नहीं होती। वह सिर्फ कुछ मिट्टी, बीज और पानी लेकर अब तक कई पौधे लगा चुका है। गोलू दूसरों को यह बताने में विश्वास करता है कि "यदि मैं कर सकता हूँ, तो आप भी कर सकते हैं।"
सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ
गोलू के प्रयासों की व्यापक स्तर पर सराहना की जा रही है। गांव के लोग उसके इस प्रयास में उसके साथ खड़े होते हैं। कई स्कूलों में गोलू को पर्यावरण दिवस पर विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। बच्चे उससे प्रेरित होकर पौधे लगाने का प्रयास कर रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण का महत्व
जैसा कि हम सभी जानते हैं, पर्यावरण संरक्षण हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। गोलू का यह कदम हमें यह याद दिलाता है कि छोटी उम्र में भी हम कुछ महत्वपूर्ण कर सकते हैं। उसके इस छोटे से कार्य को बड़े पैमाने पर देख कर हमें यह सीख मिलती है कि पर्यावरण की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।
समापन
इस प्रकार, गोलू ने न केवल अपने गांव में बल्कि समाज में भी एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरा है। वह भविष्य के लिए एक सकारात्मक उदाहरण पेश कर रहा है। गोलू जैसे बच्चे हमें याद दिलाते हैं कि हम सभी को पर्यावरण की सुरक्षा के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए।
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सादर,
टीम खर्छा पानी
जया शर्मा
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