लखनऊ में परिवहन कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन, 17 महत्वपूर्ण मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

लखनऊ। भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के आह्वान पर उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने सोमवार को परिवहन निगम मुख्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारी कैसरबाग बस स्टेशन से रैली निकालकर परिवहन निगम मुख्यालय पहुंचे। संघ के अनुसार, प्रदर्शन में प्रदेश के 20 क्षेत्रों और 120 डिपो से करीब पांच हजार कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन का … The post लखनऊ में परिवहन कर्मचारियों का प्रदर्शन, 17 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन appeared first on Just Action.

Sep 22, 2026 - 00:34
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लखनऊ में परिवहन कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन, 17 महत्वपूर्ण मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

लखनऊ में परिवहन कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन

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कम शब्दों में कहें तो, लखनऊ में परिवहन कर्मचारियों ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया, जिसमें हजारों कर्मचारी शामिल हुए।

लखनऊ। भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ की पहल पर उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने सोमवार को परिवहन निगम मुख्यालय के बाहर बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन कैसरबाग बस स्टेशन से एक रैली के रूप में आरंभ हुआ और सीधे परिवहन निगम मुख्यालय तक पहुंचा। प्रदर्शन में प्रदेश के 20 क्षेत्रों से जुड़े लगभग 120 डिपो के करीब पांच हजार कर्मचारी शामिल हुए, जो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हुए।

प्रदर्शन का नेतृत्व और मांगें

इस प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम में शामिल अन्य प्रमुख नेताओं में भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठक मंत्री अनुपम, प्रदेश अध्यक्ष बिशेश्वर राय, महामंत्री अनिल कुमार उपाध्याय और भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के अखिल भारतीय महामंत्री राजू भाऊराव भालेराव भी शामिल थे।

कर्मचारियों ने अपनी 17 सूत्रीय मांगें पेश की, जिनमें प्रमुख हैं:

  • डग्गामार वाहनों पर रोक लगाना;
  • परिवहन निगम की बसों पर लगने वाले अतिरिक्त करों में कमी;
  • लगभग एक हजार करोड़ रुपये के पूंजी अंशदान को माफ करना;
  • निगम के लिए दो हजार करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज;
  • नियमित कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती;
  • 10 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करना;
  • नई और इलेक्ट्रिक बसों की उपलब्धता;
  • वेतन और भत्तों में वृद्धि।

आर्थिक संकट और सरकारी प्रतिक्रिया

संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अवैध बस संचालन से परिवहन निगम को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, तेल की बढ़ती कीमतों के कारण निगम पर लगभग 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार भी उत्पन्न हो गया है।

प्रदर्शन के बाद, प्रदेश महामंत्री भारत भूषण ने 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को सौंपा। प्रबंध निदेशक ने इस ज्ञापन को केंद्र और प्रदेश सरकार को अपनी संस्तुति के साथ भेजने का आश्वासन दिया।

आगे की प्रक्रिया और आगामी आंदोलन

भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के अखिल भारतीय महामंत्री राजू भाऊराव भालेराव ने बताया कि देशभर के परिवहन निगम मुख्यालयों पर उनकी मांगों को लेकर ज्ञापन दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 18 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वे अपने अधिकारों की मांग करेंगे।

इस प्रकार, यह प्रदर्शन न केवल प्रदेश में परिवहन कर्मचारियों के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का एक प्रयास है, बल्कि इससे यह भी साबित होता है कि जब कर्मचारी एकजुट होकर अपने हितों की रक्षा के लिए खड़े होते हैं, तो वे अद्वितीय प्रभाव डाल सकते हैं।

अंत में, हम सभी कर्मचारियों से अपील करते हैं कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहें और सरकार से उचित कार्रवाई की उम्मीद रखें।

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हरियाणा, झारखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में परिवहन कर्मचारियों द्वारा आयोजित इस प्रकार के प्रदर्शन से संबंधित और भी जानकारी के लिए हमसे जुड़े रहें।

Team Kharchaa Pani

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