भारत में लार्ज SUVs से बढ़ते ट्रैफिक हादसे: एक गंभीर चिंता
लखनऊ में 8वी क्लास के एक क्षात्र को SUV ने रौंदा। नोएडा में सब्जी का ठेला लगाने वाले मंगल सिंह, उम्र 32, को एक तेज़ रफ्तार से चलती स्कॉर्पियो ने पीछे से टक्कर मार कर उड़ा दिया। चंडीगढ़ की एक ड्राइवर ने अपनी महिंद्रा थार को बाइक सवारों पर चढ़ा दिया जिससे एक व्यक्ति के … The post भारत की सड़कों को श्मशान बना रहीं लार्ज SUVs appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.
भारत में लार्ज SUVs से बढ़ते ट्रैफिक हादसे: एक गंभीर चिंता
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कम शब्दों में कहें तो, हाल ही में लखनऊ में एक 8वीं कक्षा के छात्र का सामना एक SUV से हुआ, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। नोएडा में सब्जी का ठेला लगाने वाले मंगल सिंह, उम्र 32, को एक तेज़ रफ्तार स्कॉर्पियो ने पीछे से टक्कर मारकर उड़ा दिया। चंडीगढ़ में एक ड्राइवर ने अपनी महिंद्रा थार को बाइक सवारों पर चढ़ा दिया, जिससे एक व्यक्ति के पैर की हड्डियां टूट गईं। ये घटनाएँ केवल कुछ प्रमुख उदाहरण हैं जो दर्शाती हैं कि भारत की सड़कों पर लार्ज SUVs किस तरह से जानलेवा साबित हो रही हैं।
पिछले तीन दशकों से भारत में ट्रैफिक और खराब ड्राइविंग की समस्या बढ़ती जा रही है। हाल के आंकड़ों में स्पष्ट है कि सड़क दुर्घटनाओं में जानमाल का नुकसान बढ़ रहा है। 2014 के बाद, सड़क दुर्घटनाओं की संख्या कम हुई है, लेकिन उनसे होने वाली मौतों की संख्या बढ़ी है, जो इन दुर्घटनाओं की बढ़ती गंभीरता को बयां करती हैं।
SUV का बढ़ता आकार और उसकी वजह से पैदा होने वाला खतरा
भारत में लार्ज SUVs की संख्या तेजी से बढ़ रही है। महिंद्रा थार, ह्युंडई क्रेटा, स्कॉर्पियो N जैसी गाड़ियों की लोकप्रियता ने सड़क पर खामियाज़े उत्पन्न किए हैं। SUVs के बढ़ते साइज का सबसे बड़ा खतरा यह है कि वे ड्राइवर के दृष्टिकोण को संकुचित कर देती हैं।
हाइट: SUV की ऊँचाई के कारण छोटे बच्चे या कम कद के लोग दृष्टि से बाहर हो सकते हैं, जिससे उनके साथ टकराव की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं।
जानलेवा भार: एक बड़े वज़न वाली कार से टक्कर होने पर नुकसान अधिक होता है।
कम होती विज़िबिलिटी: SUVs की बगल की विज़िबिलिटी अक्सर खराब रहती है, जिससे अन्य वाहनों या पैदल चल रहे व्यक्तियों को देखना मुश्किल हो जाता है।
दोहरा खतरा: तेज गति से चलने वाली SUVs अक्सर टकराने की स्थिति में अत्यधिक नुकसान पहुंचा सकती हैं, क्योंकि इनके टकराने पर पीड़ितों को गंभीर चोटें आती हैं। रिसर्च के अनुसार, SUV से टकराने पर एक वयस्क के मरने की आशंका 44% और बच्चों के लिए 82% तक बढ़ जाती है।
SUV की बढ़ती लोकप्रियता के कारण
स्टेटस और रुतबा: पहली बार कार खरीदने वाले कई लोग SUVs को सफलता का प्रतीक मानते हैं। Thar या Scorpio N चलाने वाले अक्सर खुद को सड़क पर प्रभावशाली महसूस करते हैं।
सड़कों की स्थिति: खराब सड़कों, गड्ढों और स्पीड ब्रेकर्स के कारण SUVs भारतीय सड़कों पर प्रैक्टिकल लगती हैं।
आराम और भरोसा: SUVs में अन्य छोटी गाड़ियों की तुलना में ज्यादा जगह होती है, जो परिवारों और लंबी दूरी की यात्रा के लिए अधिक सुविधाजनक होती है।
भारत में, जहां सड़क दुर्घटनाएं आम हैं, SUVs यात्रियों को सुरक्षा का एहसास देती हैं, जिससे लोग जोखिम भरी ड्राइविंग को बढ़ावा देने लगते हैं। इन कारणों से SUVs भारतीय ऑटो मार्केट में तेजी से बढ़ती हैं, और कई शहरों में ये हैचबैक से भी आगे निकल गई हैं।
एक्सीडेंट में होने वाली मौतें कम करने के सुझाव
बड़ी SUVs की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए सरकारी नीतियों में सुधार होना चाहिए। लंदन और पेरिस जैसे शहरों में बड़े वाहनों पर कर लगाकर ट्रैफिक को नियंत्रित किया गया है।
इसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसें और ट्रेनें बढ़ाकर सड़क पर वाहनों की संख्या कम की जा सकती है। अगर भारत भी इस दिशा में ठोस कदम उठाए तो हम दुर्घटनाओं की संख्या को कम कर सकते हैं।
इस तरह की नीतियों से न केवल सड़क पर भीड़ कम होगी, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
करवाई की आवश्यकता है ताकि हमारे सड़कें फिर से सुरक्षित बन सकें और हम सभी को यातायात के इस भयानक खतरे से बचाया जा सके।
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सादर,
टीम खर्चा पानी
पूजा शर्मा
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