प्रदेश के पहाड़ी जिलों में जल्द खुलेंगे दो नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज
देहरादून। प्रदेश के पहाड़ी जिलों में दो आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। प्रदेश के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने कहा है कि इन दो आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज बनाये जाने के लिए सम्बन्धित जिलाधिकारियों से भूमि उपलब्धता के संबंध में पत्राचार किया गया है जहां पर भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी वहां पर … The post पहाड़ी जिलों में दो आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज खुलेंगे appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.
प्रदेश के पहाड़ी जिलों में जल्द खुलेंगे दो नए आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में पहाड़ी जिलों में दो नई आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की योजना है। प्रदेश के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने इस सम्बंध में जानकारी दी है कि संबंधित जिलाधिकारियों से भूमि उपलब्धता के लिए पत्राचार किया गया है। जहां पर भूमि उपलब्ध होगी, वहीं पर नए आयुर्वेदिक कॉलेजों का निर्माण किया जाएगा।
यूनानी चिकित्सालय भूमि में अटकाव
मदन कौशिक ने बताया कि हरिद्वार के पिरान कलियर क्षेत्र में एक यूनानी चिकित्सालय के लिए निर्धारित भूमि, राष्ट्रीय राजमार्ग के दायरे में आने के कारण, चिकित्सालय के भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे क्षेत्रीय विधायक एवं जिलाधिकारी के साथ इस समस्या का समाधान करने के लिए पत्राचार करें।
चिकित्सा अधिकारियों को लाभ
बैठक के दौरान मंत्री ने संकेत दिया कि एसीपी के लाभ के पात्र चिकित्सा अधिकारियों को एक महीने के भीतर लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जो डॉक्टर्स आवश्यक दस्तावेज़ पेश नहीं कर पाए हैं, उन्हें आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने के लिए अधिकारी पत्राचार करेंगे।
योग अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि
मंत्री ने बताया कि योग अनुदेशकों के मानदेय को बढ़ाकर ₹500 प्रति घंटे करने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। इसके साथ ही, पीपलकोटी में स्थित एक पुराने आयुर्वेद चिकित्सालय भवन को अन्यत्र स्थानांतरित करने के लिए नया भवन किराए पर लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आयुर्वेद निदेशालय का विकास
मंत्री ने कहा कि आयुर्वेद निदेशालय के विस्तारीकरण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है, और भवन निर्माण के लिए 2000 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की गई है। इसके साथ ही, हरिद्वार में आयुर्वेद फार्मेसी के निर्माण और विकास के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
आगे की दिशा
आयुष मंत्री ने यह भी बताया कि आयुर्वेदिक और यूनानी सेवाओं के नए पदों के सृजन तथा सामुदायिक स्वास्थ्य चिकित्सकों के मानदेय में सुधार के बारे में भी विचार-विमर्श किया गया है। ये सभी कदम प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उठाए गए हैं।
निष्कर्ष के तौर पर, ये नए कॉलेज पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने तथा स्थानीय युवाओं को चिकित्सा क्षेत्र में आने के लिए प्रोत्साहित करने का काम करेंगे। इसके माध्यम से प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने की उम्मीद की जा रही है।
अधिक अपडेट के लिए, कृपया देखें खर्चा पानी.
— टीम खर्चा पानी, राधिका शर्मा
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