उत्तरकाशी में भयानक आग, सेवानिवृत्त एनएम की हुई दुखद मौत
Uttarkashi News : उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आराकोट के पुराने भवन में मंगलवार देर रात अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा भवन इसकी चपेट में आ गया और जलकर राख हो गया। हादसे में भवन में रह रहीं सेवानिवृत्त एएनएम पार्वती […]
उत्तरकाशी में भयानक आग, सेवानिवृत्त एनएम की हुई दुखद मौत
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कम शब्दों में कहें तो उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आराकोट में आग लगने से एक सेवानिवृत्त एएनएम की मौत हो गई है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल पैदा कर दिया है।
मंगलवार देर रात, उत्तरकाशी में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आराकोट के पुराने भवन में अचानक आग लग गई। यह अग्नि घटना इतनी भीषण थी कि कुछ ही समय में पूरा भवन इसकी चपेट में आ गया और जलकर राख हो गया। इस हादसे में वहां रह रही सेवानिवृत्त एएनएम पार्वती जैन की जान चली गई। वह इस पुराने भवन में लंबे समय से रह रही थीं।
मौके पर पहुंची अग्निशामक टीम
आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। दमकल विभाग ने आग पर काबू पाने के लिए मोरी और त्यूणी के साथ ही पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू से भी अग्निशामक वाहनों की मदद मांगी। हालांकि, आग बुझाने के प्रयासों के बावजूद स्वास्थ्य केंद्र का पुराना भवन पूरी तरह से जल गया।
पार्वती जैन की दुखद मौत
अग्निशामक और पुलिस प्रशासन ने कई घंटों तक आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक पार्वती जैन की जान नहीं बचाई जा सकी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह लंबे समय से इस भवन में अकेली रह रही थीं। उनकी मृत्यू के बाद पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।
क्षेत्र में शोक का माहौल
पार्वती जैन, जिन्होंने स्वास्थ्य विभाग में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, की मौत के बाद स्थानीय समाज के सदस्यों ने शोक व्यक्त किया है। सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि पार्वती जैन मूल रूप से देहरादून के आराघर क्षेत्र की रहने वाली थीं। उनके पास उनकी एक मुंहबोली बेटी भी थी जो अक्सर उनसे मिलने आती थी।
इस घटना की जांच के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम ने अपनी कार्यवाही शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि इस दुखद घटना को रोकने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षा और अग्निशामक उपायों को बढ़ाने की आवश्यकता है।
इस तरह की घटनाएं न केवल व्यक्तिगत नुकसान का कारण बनती हैं, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी होती हैं। हम सभी को यह सोचने की जरूरत है कि कैसे हम अपनी सुरक्षा और स्वास्थ्य केंद्रों की देखरेख को बेहतर बना सकते हैं।
अंत में, हम सभी को पार्वती जैन की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।
संपादित: साक्षी शर्मा, टीम खर्चा पानी
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