नया कानून: अब ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करना होगा अपराध, मिलेगी जेल की सजा
अब राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का अपमान करना अपराध माना जाएगा। जी हां, ‘वंदे मातरम् बिल’ को लोकसभा और राज्यसभा दोनों से मंजूरी मिल गई है। जिसके बाद आज यानी मंगलवार, 11 अगस्त को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस बिल को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद अब ये कानून बन गया है। ‘वंदे मातरम्’ … The post नया कानून लागू!, अब ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने पर होगी जेल appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.
नया कानून: अब ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करना होगा अपराध, मिलेगी जेल की सजा
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Kharchaa Pani
कम शब्दों में कहें तो, अब ‘वंदे मातरम्’ के अपमान पर सख्त कानून लागू हो चुका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 11 अगस्त को इस बिल को मंजूरी दी, जिसके बाद यह कानून बन गया है।
‘वंदे मातरम्’ पर देश में कानून लागू
इस नए कानून के तहत, अब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी वही सुरक्षा प्राप्त होगी, जो वर्तमान में राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ को मिली हुई है। ऐसे में जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ को गाने से रोकना या उसमें बाधा डालना एक अपराध माना जाएगा। इस कानून को “राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026” के तहत लागू किया गया है, जो वंदे मातरम और जन गण मन को समान दर्जा देता है।
दोनों सदनों से बिल को मंजूरी
आपको यह भी जानकर खुशी होगी कि इस बिल को 29 जुलाई को राज्यसभा और 30 जुलाई को लोकसभा से मंजूरी मिली थी। अब राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ यह कानून प्रभावी हो गया है। यह कदम भारत के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण संवैधानिक परिवर्तन है।
15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गाया जाएगा
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह घोषणा की है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के समारोह में लाल किले से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गाया जाएगा। यह पल भारतीय इतिहास में एक विशेष स्थान बनाएगा, क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय गान के समान सम्मान प्राप्त करेगा।
राष्ट्रीय गीत का अपमान करना अपराध बनेगा
ज्ञात रहे कि पहले राष्ट्रीय गान का अपमान करने पर तीन साल की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती थी। अब यह प्रावधान ‘वंदे मातरम्’ के लिए भी लागू किया जाएगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि इसे भी समान महत्व दिया जाए।
राष्ट्रीय गीत को मिलेगी सुरक्षा
अभी तक ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को रोकने के लिए कोई खास कानूनी प्रावधान नहीं था। जबकि इसे राष्ट्रीय गीत के रूप में मान्यता दी गई थी। अब इस बिल की धारा 3 में संशोधन करने का प्रस्ताव है, जो राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी इसी दायरे में लाएगा।
इस नए कानून के तहत, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी नागरिकों को अपने राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने की जिम्मेदारी हो। यह एक ऐसा कदम है, जो भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीयता को मजबूत बनाता है।
विवादित विषयों पर बहस करना आवश्यक है, लेकिन ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करना एक राष्ट्रीय त्रासदी है। इस लिए इस कानून का निर्माण आवश्यक था।
अंत में, यह बात स्पष्ट है कि इस नए कानून के जरिए हिन्दू, मुसलमान, सिख, ईसाई सभी को एकजुट होकर सबसे प्रिय गीत ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान करना चाहिए।
इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए, कृपया खर्चा पानी पर जाएं।
सादर, टीम खर्चा पानी - राधिका शर्मा
What's Your Reaction?