रैली-धरने के बहाने अपने नैरेटिव स्थापित करने की जंग

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच राजधानी देहरादून में कांग्रेस का मुख्यमंत्री आवास कूच और भाजपा का ‘सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना’ राज्य की भावी राजनीतिक दिशा का एक महत्वपूर्ण संकेत है। यह आमने-सामने का टकराव महज एक सियासी विरोध नहीं, बल्कि दोनों प्रमुख दलों की ओर से अपने-अपने कोर नैरेटिव … The post रैली-धरने के बहाने अपने नैरेटिव स्थापित करने की जंग appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.

Sep 8, 2026 - 00:34
 99  4.7k
रैली-धरने के बहाने अपने नैरेटिव स्थापित करने की जंग

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच राजधानी देहरादून में कांग्रेस का मुख्यमंत्री आवास कूच और भाजपा का ‘सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना’ राज्य की भावी राजनीतिक दिशा का एक महत्वपूर्ण संकेत है। यह आमने-सामने का टकराव महज एक सियासी विरोध नहीं, बल्कि दोनों प्रमुख दलों की ओर से अपने-अपने कोर नैरेटिव को स्थापित करने की सोची-समझी रणनीति है।

उत्तराखंड की राजनीति पारंपरिक रूप से मुद्दों से ज्यादा राजनीतिक विमर्श पर चलती है। 7 सितंबर के इन दोनों आयोजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि 2027 का विधानसभा चुनाव केवल स्थानीय विकास या प्रशासनिक मुद्दों पर नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान, जातिगत समीकरणों और सौहार्द बनाम ध्रुवीकरण के तर्कों के साथ भी लड़ा जाएगा।

बता दें कि इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में हल्द्वानी के रामलीला मैदान का विवाद है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कुछ दक्षिणपंथी संगठनों के मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ कराने का मामला सामने आया, जिसे कांग्रेस ने दलित सम्मान और सामाजिक न्याय से जोड़ा। विवाद तब और गहरा गया जब इस मुद्दे पर बयानबाजी के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई और जवाब में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर भी बेंगलुरु में काउंटर जीरो एफआईआर दर्ज हुई।

एका दिखाने व कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सुस्ती तोड़ने की कोशिश

कांग्रेस ने खड़गे के कार्यक्रम स्थल के शुद्धिकरण को सीधे तौर पर दलित समुदाय के अपमान से जोड़ा है। प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रीतम सिंह और यशपाल आर्य की अगुवाई में परेड ग्राउंड से शुरू हुए इस प्रदर्शन के ज़रिए कांग्रेस राज्य के दलित और सामाजिक रूप से संवेदनशील वोट बैंक को अपने पक्ष में लामबंद कर रही है।
 लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमे के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और हाईकमान को राज्य संगठन की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की जा रही है।
 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं में लंबे समय से छाई सुस्ती को तोड़कर सड़कों पर अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने का यह बड़ा अवसर था और उसने इसका लाभ भी लिया।

भाजपा का समानांतर धरना ,कांग्रेस के प्रदर्शन के असर को न्यूट्रलाइज करने की कोशिश

भाजपा ने कांग्रेस के इस आक्रामक प्रदर्शन का जवाब रक्षात्मक होने के बजाय ‘सामाजिक सौहार्द’ का नैरेटिव गढ़कर दिया है। भाजपा का तर्क है कि कांग्रेस इस मुद्दे को जातिगत रंग देकर ‘देवभूमि’ के सामाजिक ताने-बाने को बांटने की कोशिश कर रही है।
‘सामाजिक सौहार्द’ के बहाने भाजपा अपने पारंपरिक कैडर और जनता को यह संदेश देने की कोशिश में है कि वह समाज को जोड़ने की राजनीति कर रही है, जबकि विपक्षी दल तुष्टिकरण और विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं। वैसे आमतौर पर सत्ताधारी दल प्रदर्शनों पर रक्षात्मक रुख अपनाते हैं, लेकिन भाजपा ने समानांतर धरना देकर कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन के असर और मीडिया कवरेज को न्यूट्रलाइज करने की कोशिश की है।

मुद्दा लंबा तक खींच न सकी तो कांग्रेस की राजनीतिक बढ़त का असर सीमित होगा

कुल मिलाकर देखें तो जहां कांग्रेस दलित अस्मिता, सामाजिक न्याय और सरकार पर दोहरे रवैए का इलजाम चस्पा कर अपने पुराने वोटबैंक को वापस लेने की कोशिश में है और रैली के जरिए 2027 से पहले कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और खुद की आक्रामक छवि गढ़ने की कोशिश में है वहीं भाजपा देवभूमि का सामाजिक सौहार्द की बात करते हुए कांग्रेस पर जातिगत ध्रुवीकरण की कोशिश का आरोप मढ़ने की कोशिश में है ताकि सवर्ण बहुल पहाड़ में अपनी मजबूत स्थिति को वह और मजबूत कर सके। वह काउंटर-नैरेटिव खड़ा कर विपक्ष के हमले की धार को कम करना चाहती है और बैकफुट पर दिखने या दलित वर्ग के बीच नकारात्मक संदेश जाने की चुनौती को खत्म करना चाहती है। हालांकि कांग्रेस अगर इस मुद्दे को बहुत लंबे समय तक खींच न सकी तो तो राजनीतिक बढ़त का असर सीमित रह सकता है।

The post रैली-धरने के बहाने अपने नैरेटिव स्थापित करने की जंग appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow