बाघ के हमले का शिकार हुई महिला, बहू ने दिखाई हिम्मत और बचाई जान, इलाके में फैली दहशत
Ramnagar News : उत्तराखंड के रामनगर वन प्रभाग के कुनखेत क्षेत्र में रविवार सुबह बाघ के हमले से दहशत फैल गई। जंगल से सटे इलाके में घास काटने गई एक बुजुर्ग महिला पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। मौके पर मौजूद उनकी बहू की सतर्कता […]
बाघ के हमले का शिकार हुई महिला, बहू ने दिखाई हिम्मत और बचाई जान, इलाके में फैली दहशत
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कम शब्दों में कहें तो: उत्तराखंड के रामनगर में एक बुजुर्ग महिला पर बाघ के हमले ने भय का माहौल पैदा कर दिया। उनकी बहू की साहसिकता ने उन्हें बचाया।
उत्तराखंड के रामनगर वन प्रभाग के कुनखेत क्षेत्र में रविवार सुबह हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने स्थानीय निवासियों में दहशत फैला दी। घास काटने गई एक वृद्ध महिला पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। सुरक्षा में मौजूद उनकी बहू की सतर्कता ने उन्हें और भीषण हानि से बचा लिया।
घास काट रही महिला पर अचानक झपटा बाघ
यह घटना रामनगर वन प्रभाग की कोसी रेंज के कुनखेत क्षेत्र में घटित हुई। जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय बसंती देवी अपने परिवार की बहू के साथ बैली रिजॉर्ट के समीप घास काटने गई थीं, जब अचानक बाघ ने उन पर आक्रमण कर दिया। उनकी उम्र और कमजोरी का लाभ उठाते हुए बाघ ने हमला कर दिया।
बहू ने जान पर खेलकर बचाई सास की जान
इस भयानक हमले में बसंती देवी के सिर और माथे पर गंभीर चोटें आई हैं। जिस पल उन्होंने मदद के लिए चिल्लाई, उनकी बहू ने स्थानीय लोगों को बुलाने की कोशिश की।
ग्रामीणों की भीड़ सुनकर बाघ वहां से भाग खड़ा हुआ और इस तरह वे सभी मिलकर घायल महिला को सुरक्षित निकालने में सफल हुए। इस बहू के साहस ने निश्चित रूप से एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।
महिला की गंभीर स्थिति के चलते हायर सेंटर किया गया रेफर
घायल महिला को तत्काल वन विभाग की टीम द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद रामदत्त जोशी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय, रामनगर भेजा गया। वहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति के संदर्भ में तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया। उनके उपचार की प्रक्रिया अभी जारी है।
वन विभाग ने घटना की जांच की शुरू
घटना के बाद वन विभाग ने मुआयना करना शुरू कर दिया है। इस दौरान क्षेत्र में रहने वाले लोगों को जंगल के आसपास बिना सतर्कता के न जाने के लिए चेतावनी दी गई है।
इसके साथ ही विभाग की टीम बाघ के गतिविधियों की निगरानी भी कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।
यह घटना बाघों के हमलों के प्रति बढ़ती चिंता को उजागर करती है। सरकार और वन विभाग को उचित कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि बाघों और लोगों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।
इस घटना ने न केवल स्थानीय निवासियों को बल्कि पूरे इलाके को आतंकित किया है। ऐसे मामलों में कार्रवाई आवश्यक है ताकि ऐसी भयावह घटनाएँ पुनः न हों।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के हमले सामान्यतः स्थानीय जंगलों में बाघों की बढ़ती संख्या के कारण होते हैं। सरकार को इसे रोकने के लिए तत्काल उपाय करने की आवश्यकता है।
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धन्यवाद, टीम खर्चा पानी (समीरा शर्मा)
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