उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में हरेला पर्व पर पौधारोपण, कुलपति और शिक्षा सचिव ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में उत्तराखंड का लोक पर्व हरेला उत्साह के साथ मनाया गया। पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित ये लोक पर्व कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रमाकान्त पाण्डेय और उत्तराखंड शासन के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार Gairola की उपस्थिति में विश्वविद्यालय परिसर में रुद्राक्ष समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर मनाया गया। उत्तराखंड … The post उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में हरेला पर हुआ पौधारोपण, कुलपति-संस्कृत शिक्षा सचिव ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.

Jul 18, 2026 - 18:34
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उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में हरेला पर्व पर पौधारोपण, कुलपति और शिक्षा सचिव ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
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उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में हरेला पर्व पर पौधारोपण किया गया

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में हरेला पर्व के अवसर पर पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कुलपति और संस्कृत शिक्षा सचिव ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Kharchaa Pani

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में मंगलवार को लोक पर्व हरेला उत्साह के साथ मनाया गया। इस पर्व का उद्देश्य न केवल स्थानीय संस्कृति को समर्पित करना है बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाना भी है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रमाकान्त पाण्डेय और उत्तराखंड शासन के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गाईरोल ने की। कार्यक्रम के तहत रुद्राक्ष सहित कई अन्य प्रजातियों के पौधे विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए।

कार्यक्रम में शामिल हुए अधिकारी और छात्र

इस वृक्षारोपण अभियान में विश्वविद्यालय के कुलसचिव के साथ-साथ अन्य अधिकारी, शिक्षकों और छात्रों ने भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। प्रोफेसर पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि, "हरेला केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारे द्वारा प्रकृति के प्रति व्यक्त की गई कृतज्ञता का प्रतीक है।"

उन्होंने आगे बताया कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर में वृक्षों को देवता का दर्जा दिया गया है। विश्वविद्यालय का कर्तव्य है कि यह न केवल ज्ञान का केंद्र बने, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी एक प्रमुख स्थान हो। उन्होंने कहा, "यदि हम आज एक-एक पौधा लगाते हैं, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए शुद्ध हवा, पानी और हरियाली का सृजन करेगा।"

एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान

कुलपति ने भारतीय संस्कृति में वृक्षों का महत्व बताते हुए कहा कि संस्कृत साहित्य में भी वृक्षों का विशेष उल्लेख किया गया है। इस मौके पर उपस्थित डॉ. प्रकाश चंद्र पंत ने पौराणिक संस्कृत श्लोक का सन्देश देते हुए बताया कि "एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान बताया गया है।" इस अवसर पर शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने भी रुद्राक्ष पौधों का रोपण किया और उपस्थित सभी लोगों को एक-एक पेड़ लगाने की प्रेरणा दी।

हरेला पर शुभकामनाएं

कार्यक्रम के दौरान, शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने सभी को हरेला की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "हरियाली ही स्वस्थ्य जीवन का आधार है। आज मानवता को पर्यावरण संरक्षण को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।" विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न हरेला गीतों के साथ-साथ वैदिक मंत्रों का उच्चारण भी किया गया।

बालिका छात्रावास का निरीक्षण

दीपक कुमार ने उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन पांच मंजिला बालिका छात्रावास का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को आदेश दिया कि "31 जुलाई 2026 तक छात्रावास का कार्य पूरा कर लिया जाए," ताकि इस सत्र से छात्राओं को छात्रावास की सुविधा मिल सके। इस निरीक्षण के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर, कुलपति प्रोफेसर रमाकांत पांडेय, कुलसचिव दिनेश कुमार सहित कई अन्य डीन, अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।

कार्यक्रम के माध्यम से न केवल हरेला पर्व का उत्सव मनाया गया बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संरक्षण के प्रयासों को भी सशक्त किया गया।

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सादर, टीम खर्चा पानी

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