हरिद्वार कुंभ में भ्रष्टाचार की गूंज, भाजपा नेता ने उठाए गंभीर सवाल
Haridwar News : महाकुंभ के आयोजन से पहले ही हरिद्वार में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों ने सूबे की राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा के वयोवृद्ध नेता और जिले के प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने धामी सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों पर सवालिया निशान खड़े करते हुए बड़े घोटाले का अंदेशा […]
हरिद्वार कुंभ में भ्रष्टाचार की गूंज, भाजपा नेता ने उठाए गंभीर सवाल
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कम शब्दों में कहें तो, महाकुंभ के आयोजन से पहले हरिद्वार में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों ने सूबे की राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और जिले के प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने धामी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सवाल उठाते हुए एक बड़े घोटाले की आशंका जताई है।
भ्रष्टाचार के आरोपों ने मचाई खलबली
हरिद्वार के राजनीतिक गलियारों में इन दिनो चर्चा का विषय बना है कि महाकुंभ के आयोजन से पहले भ्रष्टाचार के आरोपों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार को घेर लिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक त्रिपाठी ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यह मुद्दा केवल एक राजनीतिक बहस नहीं है, बल्कि जनता के पैसे की रक्षा करने का मामला है।
5 करोड़ का काम 61 करोड़ में करने का आरोप
अशोक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कनखल स्थित पौराणिक सतीकुंड के जीर्णोद्धार के लिए जो प्रोजेक्ट 5 करोड़ रुपये में तैयार किया गया था, उसे नियमों का उल्लंघन करते हुए 61 करोड़ रुपये की लागत पर गुजरात की एक कंपनी को सौंप दिया गया है। उन्होंने इस विषय पर निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच सामने आ सके।
मेला अधिकारी पर गंभीर आरोप
पूर्व मेला प्राधिकरण उपाध्यक्ष त्रिपाठी ने वर्तमान मेला अधिकारी सोनिका पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मेला अधिकारी द्वारा उन्हें गुमराह किया जा रहा है और अर्ध कुंभ को कुंभ बताकर पेश किया जा रहा है। इसके अलावा, वह धमकियां देने का भी आरोप लगा रहे हैं। त्रिपाठी ने कहा, “मैं बीस बार जेल जा चुका हूं, डराने की कोशिश न की जाए।” यह बयान बताता है कि मामला कितना गंभीर हो चुका है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के प्रयास असफल
त्रिपाठी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों से वे मुख्यमंत्री धामी से मिलने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन उन्हें कोई समय नहीं मिल रहा। एक स्थिति के तहत, उन्होंने मीडिया का दरवाजा खटखटाने का फैसला लिया। उनकी इस स्थिति ने भाजपा के भीतर असंतोष का संकेत दिया है।
सीएम से स्थिति स्पष्ट करने की मांग
यहां तक कि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री धामी से अपील की है कि वे इस कथित घोटाले पर स्थिति स्पष्ट करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कुंभ जैसे धार्मिक आयोजन की पवित्रता को बनाए रखना चाहिए और जनता के पैसे की खुली लूट को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद हरिद्वार के राजनीतिक माहौल में यह सवाल उठने लगा है कि क्या भाजपा की कार्यप्रणाली के खिलाफ असंतोष का नया दौर शुरू हो चुका है? मामले में प्रशासन और शासन से आधिकारिक प्रतिक्रिया का अब इंतजार है।
जहां एक ओर भाजपा पार्टी अपनी कार्यशैली पर सवाल उठने से चिंतित है, वहीं दूसरी ओर यह देखना भी महत्वपूर्ण है कि क्या इन आरोपों की राजनीति को और बढ़ावा मिलेगी।
अंत में, यह विवाद केवल हरिद्वार में ही नहीं, बल्कि समस्त उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा सकता है।
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Team Kharchaa Pani, सुषमा शर्मा
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