कांवड़ मेले के लिए उत्तराखंड सहित 7 राज्यों ने बनाया विस्तृत संयुक्त योजना, एक्सप्रेस-वे पर यात्रा पर प्रतिबंध
आगामी 30 जुलाई से 11 अगस्त, 2026 तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन के सभागार में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। कांवड़ मेला-2026 को लेकर अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक … The post कांवड़ मेले के लिए उत्तराखंड समेत 7 राज्यों ने बनाया संयुक्त प्लान, एक्सप्रेस-वे पर यात्रा पर रहेगी रोक appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.
कांवड़ मेले के लिए उत्तराखंड सहित 7 राज्यों ने बनाया विस्तृत संयुक्त योजना, एक्सप्रेस-वे पर यात्रा पर प्रतिबंध
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Kharchaa Pani
कम शब्दों में कहें तो, कांवड़ मेला-2026 के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने अन्य 6 राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक की, जहां यात्रा को सुगम बनाने के लिए विस्तृत योजनाओं पर चर्चा की गई।
आगामी 30 जुलाई से 11 अगस्त, 2026 तक आयोजित होने वाले कांवड़ मेला-2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन के सभागार में एक महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने मिलकर एक साझा कार्य योजना तैयार की है।
कांवड़ मेला-2026 को लेकर अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक
बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता एवं पानी, संचार व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, और संबंधित राज्यों के बीच समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी राज्यों ने एकजुट होकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई, जिससे कांवड़ मेला के संचालन में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कांवड़ मेले के प्रभावी प्रबंधन के लिए सभी राज्यों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही सर्विलांस की एक साझा प्रणाली विकसित करते हुए उत्तराखंड की सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त चेकपोस्ट और बैरियर स्थापित किए जाएंगे।
कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बैठक के दौरान कहा कि कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान करते हैं। ऐसे में यात्रा का सफल संचालन सभी संबंधित राज्यों और एजेंसियों के साझा समन्वय पर निर्भर करता है।
उन्होंने कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया और सभी राज्यों से समय पर सभी व्यवस्थाओं को पूर्ण करने का निवेदन किया।
यातायात व आपदा प्रबंधन की हो व्यापक तैयारियां
मुख्य सचिव ने रियल-टाइम समन्वय, त्वरित सूचना आदान-प्रदान, आधुनिक सर्विलांस प्रणाली, प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था, और वैज्ञानिक भीड़ प्रबंधन को कांवड़ यात्रा की सफलता के लिए अनिवार्य तत्व बताया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार कांवड़ यात्रा का प्रमुख केंद्र है, लेकिन यात्रा मार्ग से जुड़े किसी भी राज्य में घटित होने वाली घटनाओं का व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
कांवड़ यात्रियों को इन बातों का रखना होगा ध्यान
मुख्य सचिव ने कांवड़ यात्रियों के लिए दिशा-निर्देशों, प्रतिबंधों और सुरक्षा मानकों की जानकारी प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराने की जरूरत बताई और सभी को वैध पहचान पत्र रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यात्रा के दौरान घातक हथियारों और प्रतिबंधित सामग्री के साथ प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने पर भी जोर दिया।
इसके अलावा, श्रद्धालुओं को अनुशासित और सुरक्षित यात्रा के लिए प्रमुख संतों एवं धार्मिक गुरुओं के संदेशों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
यात्रा मार्गों पर स्वच्छता और पेयजल की उपलब्धता
मुख्य सचिव ने यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सेवाओं और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि उपयुक्त स्थानों पर साइनेज की स्थापना कर मार्गों की जानकारी और पार्किंग व्यवस्थाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) का उपयोग कांवड़ यात्रा के लिए नहीं किया जाएगा ताकि यात्रियों की सुरक्षा बरकरार रहे।
सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी
मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया की लगातार निगरानी रखने को आवश्यक बताया ताकि अफवाहों का प्रभावी खंडन किया जा सके। सभी राज्यों के सोशल मीडिया सेल और साइबर इकाइयों के बीच प्रभावी समन्वय की आवश्यकता जताई गई है।
कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन
रेलवे अधिकारियों से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान विशेष ट्रेनों के संचालन, स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन, और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त प्रबंध करें। हरिद्वार और आसपास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कांवड़ मेले के लिए संयुक्त योजना
बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के प्रशासन और पुलिस विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, और भारतीय रेलवे के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान कांवड़ मेला-2026 के सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित एजेंसियों से सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में मां गंगा की पूजा-अर्चना कर कांवड़ मेला-2026 के सफल और सुरक्षित आयोजन की कामना की। दक्षिणी राज्यों के साथ मिलकर बनाई गई यह योजना कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस तरह, कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त, 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी होने की उम्मीद है। इसके सफल आयोजन के लिए सभी संबंधित राज्यों और एजेंसियों का सहयोग आवश्यक है।
For more updates, visit kharchaapani.com.
Team Kharchaa Pani, साक्षी वर्मा
What's Your Reaction?