भटवाड़ी तहसील में अधिकारियों की नियमित बैठकों का फैसला, DM ने दिया आश्वासन

उत्तरकाशी के भटवाड़ी रामलीला मैदार में बीते कुछ दिनों से विकास संघर्ष समिति के बैनर तले बैठे ग्रामीण अपनी सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। इसी बीच आज यानी मंगलवार, 7 जुलाई को त्रीय विधायक सुरेश चौहान और जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने उसने मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। इस दौरान DM Prashant Arya … The post भटवाड़ी तहसील में हफ्ते में दो दिन बैठेंगे अधिकारी, ग्रामीणों के धरने के बाद DM का आश्वासन appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.

Jul 7, 2026 - 18:34
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भटवाड़ी तहसील में अधिकारियों की नियमित बैठकों का फैसला, DM ने दिया आश्वासन
उत्तरकाशी के भटवाड़ी रामलीला मैदार में बीते कुछ दिनों से विकास संघर्ष समिति के बैनर तले बैठे ग्र�

भटवाड़ी तहसील में अधिकारियों की नियमित बैठकों का फैसला, DM ने दिया आश्वासन

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कम शब्दों में कहें तो, भटवाड़ी तहसील में अधिकारी हफ्ते में दो दिन बैठेंगे, यह आश्वासन जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने दिया है। यह निर्णय ग्रामीणों के धरने के बाद लिया गया है जो अपने अधिकारों और सुविधाओं को लेकर संघर्ष कर रहे थे।

उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी में पिछले कुछ दिनों से विकास संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीण अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर जुटे थे। मंगलवार, 7 जुलाई को विधायक सुरेश चौहान और जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने धरनास्थल पर जाकर ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनकर अधिकारियों की नियमित बैठकों का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों के धरने के बाद प्रशासन का आश्वासन

धरना स्थल पर ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी प्रमुख समस्याएं रखी। स्थानीय निवासियों का आरोप था कि जब भटवाड़ी तहसील का मुख्यालय यहीं है, तो अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने काम के लिए जिला मुख्यालय नहीं जाना चाहिए। इससे नागरिकों को छोटे-मोटे कामों के लिए भटकना पड़ता है।

DM का आश्वासन: अधिकारी हफ्ते में दो दिन बैठेंगे

ग्रामीणों की मांग पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने उल्लेख किया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अब हफ्ते में दो दिन अनिवार्य रूप से भटवाड़ी तहसील में बैठेंगे। यह निर्णय जनता की समस्याओं को हल करने और उन्हें सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके अलावा, उन्होंने आल वेदर सड़क निर्माण और केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांगों पर भी उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

यह आश्वासन ग्रामीणों के संघर्ष की महत्ता को दर्शाता है और यह दिखाता है कि प्रशासन उनकी चिंताओं को गंभीरता से ले रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार हमेशा जनता के हित में कार्य को प्राथमिकता देती है।

आगामी दिनों में इस निर्णय का असर ग्रामीणों के जीवन पर किस तरह से पड़ेगा, यह देखने योग्य होगा। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद को बेहतर बनाने के यह प्रयास निश्चित रूप से एक सकारात्मक कदम है।

इस मुद्दे पर और अधिक अपडेट के लिए आप हमारे वेबसाइट पर जाकर जानकारी ले सकते हैं - Kharchaa Pani.

संपर्क: यह समाचार टीम खर्चा पानी की ओर से लिखा गया है। - सीमाश्री वर्मा

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