अंकिता भंडारी हत्याकांड पर उत्तराखंड में सियासी संघर्ष, कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी

Dehradun News : उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। मामले में कथित VIP की राज्यपाल पद पर नियुक्ति और दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस ने देहरादून में प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने लोकभवन […]

Oct 16, 2026 - 00:34
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अंकिता भंडारी हत्याकांड पर उत्तराखंड में सियासी संघर्ष, कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी
Dehradun News : उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। मामल�

उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कांग्रेस का जबरदस्त प्रदर्शन

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में अंकिता भंडारी के हत्याकांड का मामला एक बार फिर राजनीतिक गरमागरमी का कारण बन गया है। कांग्रेस ने इस मामले में सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए लोकभवन का घेराव किया, और इस दौरान कई नेता हिरासत में लिए गए।

देहरादून से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस पार्टी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने और संबंधित VIP की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के विरोध में प्रदर्शन किया। पार्टी के नेता लगातार अंकिता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।

लोकभवन पर कांग्रेस का प्रदर्शन

प्रदर्शन के ठीक पहले, कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और अन्य प्रमुख नेताओं ने पार्टी मुख्यालय में एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, कांग्रेस नेताओं का एक समूह लोकभवन की ओर बढ़ा, जहाँ उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए प्रदर्शन शुरू किया।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि जब उन्होंने लोकभवन में ज्ञापन सौंपने की कोशिश की, तो कोई अधिकारी ज्ञापन लेने के लिए उपस्थित नहीं हुआ। इस स्थिति के मद्देनजर प्रदर्शन और उग्र हो गया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान हरक सिंह रावत ने आत्मदाह की धमकी भी दी, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।

कथित VIP की नियुक्ति पर सवाल उठाए

कांग्रेस नेताओं ने इस बात पर निराशा व्यक्त की कि अंकिता भंडारी के मामले में विवादित VIP को राज्यपाल के पद पर नियुक्त किया गया। उन्होंने जाँच की निष्पक्षता पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि जब सरकार ने स्वयं CBI जांच की संस्तुति की थी, तो ऐसे में इस नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाना आवश्यक है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि मातृशक्ति को एकजुट होकर न्याय की मांग उठानी चाहिए, क्योंकि अंकिता को न्याय नहीं मिलने के कारण पूरे देश की नजरें उत्तराखंड पर हैं।

हरीश रावत का बयान: यह अस्मिता का मामला है

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस मामले को उत्तराखंड की अस्मिता से जोड़ते हुए कहा कि अंकिता ने अपने गौरव की रक्षा के लिए जान गंवाई है। उन्होंने कहा कि यह समाज का एक सामूहिक संघर्ष है और इसकी जिम्मेदारी हम सबकी है कि इसे न्याय के सही मार्ग पर ले जाया जाए।

उन्होंने इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता की गिरफ्तारी की घोर निंदा की, जिसे तानाशाही करार दिया। रावत ने कहा कि अंकिता के मामले ने पूरे समाज को एकजुट किया है और इसे सिर्फ एक व्यक्तिगत अभियान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

हरक सिंह रावत की तानाशाही की आलोचना

कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने अंकिता के माता-पिता के दिल्ली में हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि यह व्यवहार तानाशाही का प्रतीक है। उनका कहना था कि यह एक गंभीर मुद्दा है जिसे पूरी गंभीरता से लेना चाहिए।

कांग्रेस पार्टी का मानना है कि अंकिता भंडारी के मामले में पेशेवर और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है, और इस मुद्दे को उठाने में राजनीतिक बलिदान देने के लिए वे तैयार हैं।

कुल मिलाकर, अंकिता भंडारी के हत्याकांड के मामले ने उत्तराखंड में राजनीतिक उथल-पुथल मचा रखी है और यह मुद्दा अब सत्ताधारी पार्टी के लिए एक बड़े चुनौती का रूप ले चुका है। पार्टी की मांग है कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

इस पूरी घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले का सामाजिक प्रभाव इतना बड़ा है कि इससे केवल एक परिवार की अस्मिता की रक्षा नहीं, बल्कि पूरे राज्य की छवि पर भी असर पड़ेगा।

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सादर,
टीम ख़र्चा पानी
प्रियंका शर्मा

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