सरकारी नौकरी का इंतज़ार खत्म! तीन साल की मेहनत का मिला फल, पहली सैलरी से चेहरे खिले
लखनऊ/आजमगढ़। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा वर्ष 2023 में डेंटल हाइजीनिस्ट के पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। लंबी चयन प्रक्रिया के बाद वर्ष 2026 में 252 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली। वर्तमान में सभी चयनित अभ्यर्थी प्रदेश के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। … The post संघर्ष पर संघर्ष! तीन साल के इंतजार के बाद मिली सरकारी नौकरी, पहली सैलरी से खिले चेहरे appeared first on Just Action.
सरकारी नौकरी का इंतज़ार खत्म! तीन साल की मेहनत का मिला फल, पहली सैलरी से चेहरे खिले
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा जारी डेंटल हाइजीनिस्ट के पदों पर भर्ती के बाद तीन वर्ष के लंबी प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद 252 अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी मिली है। अब, यह चयनित अभ्यर्थी राज्य के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर सेवाएं दे रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया का संक्षिप्त अवलोकन
लखनऊ/आजमगढ़ से поступित सूचना के अनुसार, UPSSSC द्वारा वर्ष 2023 में डेंटल हाइजीनिस्ट के पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। चयन प्रक्रिया में कई चरणों के बाद, अंततः वर्ष 2026 में 252 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इन चयनित अभ्यर्थियों के लिए यह नियुक्ति संभावनाओं के नए द्वार खोली है।
मनीषा यादव का अनुभव
आजमगढ़ में तैनात डेंटल हाइजीनिस्ट मनीषा यादव ने खर्चा पानी से विशेष बातचीत में कहा, “यह तीन साल का सफर एक महिला के लिए, खासकर एक शादीशुदा महिला के लिए, बहुत चुनौतीपूर्ण रहा। परिवार की जिम्मेदारियों को संभालते हुए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था। लेकिन मेरे माता-पिता का आशीर्वाद और मेरे पति का समर्थन हमेशा मेरे साथ रहा।”
उन्होंने आगे कहा, “यह उपलब्धि केवल मेरी नहीं, बल्कि उन सभी की है जिन्होंने मुझे हर कठिनाई में सहयोग दिया।” मनीषा ने अपनी नियुक्ति को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के हाथों से मिलने को अपने जीवन के सबसे यादगार पल के रूप में याद किया।
पहली सैलरी का खास दिन
पहली सैलरी मिलने के बाद मनीषा यादव का चेहरा चमक रहा था। उन्होंने कहा, “यह ऐसा लगता है कि सालों की मेहनत का फल मिल गया है। मुख्यमंत्री जी के हाथों नियुक्ति पत्र लेना और पहली तनख्वाह—ये पल मैं कभी नहीं भूल पाऊंगी।”
समाज सेवा का उद्देश्य
मनीषा का मानना है कि सरकारी सेवा केवल रोजगार नहीं, बल्कि जनता की सेवा का एक मौका है। उनका लक्ष्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले हर मरीज को बेहतर दंत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसी सोच और प्रतिबद्धता निश्चित रूप से समाज में बदलाव ला सकती है।
निष्कर्ष
गौरतलब है कि UPSSSC की इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित 252 अभ्यर्थियों को वर्ष 2026 में नियुक्ति पत्र प्राप्त हुए थे। अब पहली सैलरी मिलने के साथ इन अभ्यर्थियों के सरकारी सेवा जीवन का नया अध्याय शुरू हो चुका है। यह कहानी संघर्ष, मेहनत और धैर्य की है, जो सभी को प्रेरित करती है।
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सादर, टीम खर्चा पानी (दीप्ति शर्मा)
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