श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़, पहले सप्ताह में 2 लाख से अधिक भक्तों ने किए बाबा के दर्शन

मजबूत व्यवस्थाओं और प्रशासन की मुस्तैदी से सुचारू रूप से संचालित हो रही यात्रा विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 इस वर्ष आस्था, उत्साह और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। 22 अप्रैल 2026 को कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से श्रद्धालुओं का जनसैलाब बाबा के धाम में उमड़ पड़ा […] The post श्री केदारनाथ धाम में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब, पहले सप्ताह में ही 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा केदार के दर्शन appeared first on Uttarakhand 24X7.

Apr 29, 2026 - 00:34
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श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़, पहले सप्ताह में 2 लाख से अधिक भक्तों ने किए बाबा के दर्शन
मजबूत व्यवस्थाओं और प्रशासन की मुस्तैदी से सुचारू रूप से संचालित हो रही यात्रा विश्व प्रसिद्ध श�

श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़, पहले सप्ताह में 2 लाख से अधिक भक्तों ने किए बाबा के दर्शन

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कम शब्दों में कहें तो, इस वर्ष की केदारनाथ यात्रा ने अद्वितीय मौको का अनुभव करा दिया है।

विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 में भव्य आस्था और व्यवस्थित व्यवस्थाओं के नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। 22 अप्रैल 2026 को कपाट खुलने के बाद, देश-विदेश से श्रद्धालुओं का जनसैलाब बाबा के धाम में उमड़ पड़ा है। यात्रा के पहले सप्ताह में ही 2,07,452 श्रद्धालुओं ने केदारनाथ के दर्शन किए हैं, जिसमे एक दिन में 21,134 श्रद्धालुओं ने बाबा का आशीर्वाद लिया। यह संख्या न केवल आस्था की प्रबलता को दर्शाती है, बल्कि प्रशासन की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं का भी प्रमाण है।

सुरक्षा और सुविधाएं

जिला प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के लिए कई बहुआयामी तैयारियाँ की हैं। विभिन्न विभागों और हितधारकों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की गई है। रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक के मार्ग का स्थलीय जायजा लेने के बाद, श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं व्यवस्था का निरीक्षण किया।

भूस्खलन संभावित क्षेत्र और सुधार कार्य

यात्रा मार्ग पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई है और आवश्यक मरम्मत कार्य किए गए हैं। सड़कों की पेचवर्क, सुरक्षा उपाय, और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा क्षेत्र को 3 सुपर जोन, 17 जोन, और 47 सेक्टर में विभाजित किया गया है। ट्रैफिक प्रबंधन के लिए 2 सुपर जोन और 4 ट्रैफिक जोन बनाए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ, फायर सर्विस, एनडीआरएफ, सीएपीएफ सहित विभिन्न सुरक्षा बल तैनात हैं।

चिकित्सा सुविधाएं

स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा इकाइयों की तैनाती की है, जहां डॉक्टरों और अन्य आपातकालीन उपकरणों की व्यवस्था की गई है। गौरीकुंड से केदारनाथ तक हेल्थ चेकअप सेंटर स्थापित किए गए हैं।

घोड़ा-खच्चर संचालन

पैदल मार्ग पर संचालित होने वाले घोड़ा-खच्चरों का बीमा अनिवार्य किया गया है और बीमार पशुओं के संचालन पर सख्ती से रोक लगाई गई है, जिससे पशु कल्याण को सुनिश्चित किया जा सके।

वातावरण के प्रति संवेदनशीलता

देशभर में "ग्रीन यात्रा" अभियान को समर्थन मिल रहा है। सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू किया गया है, और यात्रियों को इको फ्रेंडली सामग्री के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा

“वोकल फॉर लोकल” अभियान के अंतर्गत स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों का प्रचार किया जा रहा है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं।

व्यावस्थित पेयजल और प्रकाश व्यवस्था

यात्रियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वाटर एटीएम लगाए गए हैं। इसके साथ ही, पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें और सोलर लाइटें लगाई गई हैं, जिससे रात में भी श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।

जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और पर्यावरण सुरक्षा को सुनिश्चित करें।

यात्रा से जुड़ी और अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें.

संपर्ककर्ता: राधिका शर्मा, टीम खर्चा पानी

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