हरिद्वार में ‘वेज बिरयानी’ का नाम बदलने की बहस: संतों का अनोखा अभियानों का आगाज़, मुस्लिम संगठनों का भी समर्थन

Haridwar News : धर्मनगरी हरिद्वार में ‘वेज बिरयानी’ नाम को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। साधु-संतों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सड़क पर उतरकर ठेलों, रेहड़ियों और दुकानों पर बिक रहे ‘वेज बिरयानी’ के नाम को बदलकर ‘वेज पुलाव’ करने की मांग तेज कर दी है। हरिद्वार में ‘वेज बिरयानी’ पर छिड़ी बहस […]

Jun 10, 2026 - 00:34
 106  2.3k
हरिद्वार में ‘वेज बिरयानी’ का नाम बदलने की बहस: संतों का अनोखा अभियानों का आगाज़, मुस्लिम संगठनों का भी समर्थन
Haridwar News : धर्मनगरी हरिद्वार में ‘वेज बिरयानी’ नाम को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। साधु-संतों औ�

हरिद्वार में ‘वेज बिरयानी’ का नाम बदलने की बहस

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Kharchaa Pani

कम शब्दों में कहें तो, हरिद्वार में ‘वेज बिरयानी’ के नाम को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। साधु-संत तथा विभिन्न सामाजिक संगठन सड़क पर उतरकर ‘वेज बिरयानी’ का नाम बदलने की मांग कर रहे हैं।

धर्मनगरी हरिद्वार में ‘वेज बिरयानी’ शब्द पर उठे सवालों को लेकर यह विवाद और अधिक गहराता जा रहा है। साधु-संतों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर ठेलों और रेहड़ियों पर बिक रहे ‘वेज बिरयानी’ के नाम को ‘वेज पुलाव’ में परिवर्तित करने की मांग तेज कर दी है।

संतों ने शुरू किया नाम बदलो अभियान

संतों और कार्यकर्ताओं ने हाथों में पोस्टर्स लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों में पहुंचते हुए ठेलों एवं दुकानों पर ‘वेज पुलाव’ का नाम चिपकाना शुरू कर दिया है। उनका मानना है कि ‘बिरयानी’ शब्द पारंपरिक रूप से एक अलग व्यंजन से जुड़ा हुआ है। इस लिए, संतों ने कहा है कि शुद्ध शाकाहारी व्यंजन को ‘वेज पुलाव’ के नाम से ही बेचना उचित है।

Haridwar News

मुहिम को मुस्लिम संगठनों का भी मिला समर्थन

अद्भुत बात यह है कि इस अभियान को कुछ मुस्लिम संगठनों की भी सहमति मिल गई है। राष्ट्रीय सूफी संत फाउंडेशन के अध्यक्ष नौशाद अली ने इस पहल का खुलकर समर्थन किया है। उनका मानना है कि हरिद्वार एक ऐसी जगह है, जो धार्मिक आस्था और संस्कृति का प्रतीक है।

संतों के अनुसार, हरिद्वार को एक धार्मिक राजधानी के रूप में विश्वभर में मान्यता प्राप्त है। इसलिए, स्थानीय मान-मर्यादाओं और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान बहुत आवश्यक है। दावा किया जा रहा है कि कई दुकानदार स्वयं इस मांग से सहमत होकर अपने ठेलों और दुकानों पर ‘वेज पुलाव’ का नाम रखने के लिए तैयार हैं।

इस विवाद में संतों की आवाज़ को सुनने के लिए स्थानीय दुकानदारी समुदाय भी सक्रिय हो गया है। यह कदम धार्मिक संवेदनाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी प्रभावित करने वाला है। सवाल यह है कि क्या यह नई पहल वास्तव में सभी को एकजुट करने में सफल हो पाएगी?

इस ख़बर पर आपकी क्या राय है? आप इसका समर्थन करते हैं या इसके खिलाफ हैं? अपने विचार हमें बताएं। भविष्य के लिए, इस मुद्दे पर अपडेट के लिए यहां क्लिक करें

Team Kharchaa Pani

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow