उत्तराखंड में बोलेरो पर चट्टान गिरने से दो यात्रियों की मौत, कई घायल
Pithoragarh News : उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से एक दुखद हादसे की खबर सामने आई है। धारचूला तहसील क्षेत्र में पंपाबे के पास पर्यटकों से भरी एक बोलेरो वाहन पर अचानक भारी चट्टान गिर गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन चालक समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार […]
उत्तराखंड में बोलेरो पर चट्टान गिरने से दो यात्रियों की मौत, कई घायल
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में एक दुखद हादसे में दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह घटना धारचूला तहसील क्षेत्र में पंपाबे के पास हुई।
Pithoragarh News: उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से एक दुखद हादसे की खबर सामने आई है। धारचूला तहसील क्षेत्र में पंपाबे के पास पर्यटकों से भरी एक बोलेरो वाहन पर अचानक भारी चट्टान गिर गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन चालक समेत दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
दुर्घटना का क्रम
जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना धारचूला मुख्यालय से लगभग 42 किलोमीटर दूर पंपाबे क्षेत्र में हुई। चट्टान गिरने के कारण बोलेरो वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे एवं घायलों को उपचार के लिए उप जिला चिकित्सालय धारचूला भेजा गया।
पर्यटक कौन थे?
बताया जा रहा है कि वाहन में सवार सभी पर्यटक राजस्थान के कोटा जिले के रामगंज मंडी क्षेत्र के निवासी थे। इस परिवार में नौ सदस्य शामिल थे, जिनमें तीन बहनें और छह भाई-बहन थे। वे उत्तराखंड के विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों का दौरा करने आए थे।
यात्रा का अनुभव
परिवार ने अपनी यात्रा के दौरान सबसे पहले आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए। इसके बाद वे दारमा घाटी gelegen पंचाचूली बेस कैंप पहुंचे। शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे, जब वे पंचाचूली क्षेत्र से लौट रहे थे, तो उनकी बोलेरो वाहन पंपाबे के पास पहुंची थी कि अचानक पहाड़ी से एक विशाल चट्टान गिर गई और वाहन उसकी चपेट में आ गया।
सुरक्षा उपाय और जांच
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है। घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। इस तरह की घटनाएं उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में आम हैं, जहां सड़कें संकरी और चट्टानी होती हैं। यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।
यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए तैयार रहना आवश्यक है। यात्रियों को यात्रा के दौरान सतर्क रहना चाहिए और विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में जाने के समय मौसम की स्थिति के बारे में जानकारी लेनी चाहिए।
अंत में, हमारी संवेदनाएँ उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस दुखद घटना में अपने प्रियजनों को खो दिया। हम आशा करते हैं कि घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो।
Team Kharchaa Pani
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