महाकाव्य 'The Odyssey' की फिल्म समीक्षा: 2700 वर्ष पुरानी कहानी में गूँजते मानवता के अमर सिद्धांत
पिछले हफ़्ते जब दिल्ली के जंतर – मंतर पर NEET पेपर लीक प्रकरण में लिप्त धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए छात्र देश भर में धरने दे रहे थे, उसी समय सिनेमा घरों में Hollywood की एक बड़े बजट की, बड़े सितारों से सजी फ़िल्म का पदार्पण हुआ जिसका प्रशंसकों को सालों से इंतज़ार था … The post The Odyssey review : 2700 साल पुरानी कहानी में गूँजते मानवता के अमर सिद्धांत appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.
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कम शब्दों में कहें तो, हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक प्रकरण में लिप्त धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों के धरने के बीच, सिनेमा हॉल में हॉलीवुड की एक शानदार फिल्म 'The Odyssey' ने दस्तक दी, जिसका दर्शक वर्षों से इंतज़ार कर रहे थे। इस महाकाव्य का नवीनीकरण क्रिस्टोफर नोलन द्वारा किया गया है, जो प्राचीन यूनान के महान सम्राट 'ओडिसियस' की कहानी पर आधारित है। यह फिल्म न केवल तकनीकी दृष्टि से आकर्षक है, बल्कि इसके साथ-साथ यह अनेक गहरे संदेशों को भी अपने में समेटे हुए है।
महाकाव्य की अद्भुत कहानी का फिल्मी रूपांतरण
महाकाव्य 'द ओडिसी' 700 ई. पू. में होमर द्वारा लिखा गया था और यह कहानी मानवता के अमर सिद्धांतों से भरी हुई है। नोलन के निर्देशन में यह फिल्म दर्शकों को आकर्षित करने में सफल रही है। इस फिल्म में प्रैक्टिकल इफेक्ट्स और VFX का प्रयोग किया गया है जो इसे अन्य फिल्मों से अलग बनाता है। यह महाकाव्य उसी तरह यूरोपीय संस्कृति में अटल है जैसे महाभारत और रामायण भारतीय उपमहाद्वीप में। हालांकि, फिल्म का असली संदेश उस भाव को लेकर है जो पिछले कुछ वर्षों में खो गया है, और जिस पर हमें ध्यान देने की जरूरत है।
Odysseus की महत्ता
फिल्म का मुख्य पात्र ओडिसियस है, जो प्राचीन यूनान के आईथाका का राजा है। वह ज़ीउस के कानूनों का पालन करता है, जिसमें अतिथियों और अजनबियों के प्रति सद्भावना बनाने पर जोर दिया गया है। एक जंगली सूअर के शिकार के दौरान, ओडिसियस जानबूझकर हत्या नहीं करता, जो इस बात का प्रतीक है कि वह अपने सिद्धांतों पर अडिग है।
युद्ध की त्रासदी
ओडिसियस एक दशक तक ट्रॉय के खिलाफ युद्ध में फंसा रहता है। जब सभी प्रयास विफल हो जाते हैं, तो वह एक विशाल लकड़ी के घोड़े की योजना बनाता है, जिसके माध्यम से वह अपनी सेना को ट्रॉय शहर के भीतर भेजता है। युद्ध के बाद, ओडिसियस खेल में बदलने को मजबूर होता है।
आईथाका में समस्याएँ
ओडिसियस की अनुपस्थिति में, आईथाका में उसके सामंत और नागरिक उसकी पत्नी पेनलोप और उसकी कुर्सी पर नज़रें रखते हैं। उनमें से एक प्रमुख पात्र एंटिनाउस है, जिसने युद्ध में भाग लेने का दिखावा किया है।
ओडिसियस की कठिनाइयाँ
युद्ध के बाद, ओडिसियस अपने साथियों के साथ स्वदेश लौटने के प्रयास में कई बाधाओं का सामना करता है। वह एक-दौर्ध्य दानव, एक जादुई डाकिनी, और अनेक राक्षसों से टकराता है। ओडिसियस अपने साथी सैनिकों की सुरक्षा के लिए अपने आप को कठिनाइयों में डाल देता है।
घर की वापसी
अंत में, 20 वर्षों के बाद ओडिसियस भिखारी की वेशभूषा में लौटता है और लोगों का तिरस्कार सहन करता है। वह धनुष परीक्षा में भाग लेता है, जिसका उद्देश्य पेनलोप से विवाह करने के लिए उसे अपनी असली पहचान प्रकट करनी होती है।
नियमों की आवश्यकता
Odysseus ने नियमों का पालन किया और उन्हें तोड़ा भी,जिससे यह स्पष्ट होता है कि समाज को एक मजबूत कानून की आवश्यकता है। इस फिल्म में व्यक्त की गई सामाजिक समस्याएँ आज के भारत के संदर्भ में भी प्रासंगिक हैं।
लोकप्रियता की बढ़ती कहानी
फिल्म लगभग तीन घंटे की है, लेकिन यह दर्शकों को बांधकर रखने में सक्षम है। इसके VFX और अदाकारी इसे एक अद्वितीय अनुभव बनाते हैं। मैट डेमन और रॉबर्ट पैटिन्सन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
फिल्म 'The Odyssey' केवल एक मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है। यह कहानी, जो कि 2700 वर्षों से वर्तमान में हैं, निरंतर यह सिद्ध करती है कि मानवता के अमर सिद्धांत आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
फिल्म के साथ जुड़ी हर कथा हमें सिखाती है कि योगदान और न्याय की मांग करना हमेशा अनिवार्य है। यह दर्शकों को अपनी जिम्मेदारी को समझने की ओर भी प्रेरित करती है।
अंत में, 'The Odyssey' वास्तव में एक महाकाव्य है, जो हमें मानवता के सच्चे सिद्धांतों को समझने का अवसर प्रदान करता है।
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सादर,
टीम खरचा पानी, राधिका शर्मा
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