देहरादून जिला प्रशासन ने दिव्यांगों और बेसहारा महिलाओं के लिए शुरू की निःशुल्क ईवी वाहन सेवा

डीडीआरसी और नारी निकेतन को मिली निःशुल्क ईवी वाहन सेवा, डीएम ने दिखाई हरी झंडी देहरादून। जनपद देहरादून में दिव्यांगजनों, वृद्धजनों तथा बेसहारा महिलाओं और बच्चों की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल की है। जिलाधिकारी (DM) सविन बंसल ने शनिवार को जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (DDRC) […]

May 23, 2026 - 18:34
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देहरादून जिला प्रशासन ने दिव्यांगों और बेसहारा महिलाओं के लिए शुरू की निःशुल्क ईवी वाहन सेवा
डीडीआरसी और नारी निकेतन को मिली निःशुल्क ईवी वाहन सेवा, डीएम ने दिखाई हरी झंडी देहरादून। जनपद देह

देहरादून जिला प्रशासन की बड़ी पहल: दिव्यांगों, वृद्धों और बेसहारा महिलाओं के लिए शुरू हुई निःशुल्क ईवी वाहन सेवा

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में जिला प्रशासन ने दिव्यांगजनों, वृद्धजनों और बेसहारा महिलाओं के लिए एक नई निःशुल्क ईवी वाहन सेवा शुरू की है, जो उनकी सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देती है।

डीडीआरसी और नारी निकेतन को मिली निःशुल्क ईवी वाहन सेवा, डीएम ने दिखाई हरी झंडी

देहरादून। जनपद देहरादून में दिव्यांगजनों, वृद्धजनों तथा बेसहारा महिलाओं और बच्चों की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल की है। जिलाधिकारी (DM) सविन बंसल ने शनिवार को जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (DDRC) एवं केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन के लिए अलग-अलग निःशुल्क ईवी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर इस सेवा का विधिवत शुभारंभ किया।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस मौके पर बताया कि दिव्यांग और वृद्धजनों का जीवन सरल बनाना तथा उन्हें आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर समस्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सितंबर 2025 में गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में राज्य का पहला जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) स्थापित किया गया था। यहाँ फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, दिव्यांग प्रमाण पत्र, कृत्रिम अंग वितरण सहित अनेक सेवाएं एकीकृत रूप में उपलब्ध कराई जा रही हैं।

परिवहन की दिक्कतों से मिलेगी मुक्ति

जिलाधिकारी ने आगे बताया कि डीडीआरसी से जुड़े दिव्यांग एवं वृद्धजनों को उपचार एवं अन्य कार्यों के लिए कई बार राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांग संस्थान (NIEPVD/NIBH), समाज कल्याण विभाग तथा विभिन्न अस्पतालों में आना-जाना पड़ता है। सार्वजनिक परिवहन में इन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जिसके स्थायी समाधान के लिए अब यह समर्पित निःशुल्क ईवी वाहन सेवा उपलब्ध कराई गई है।

नारी निकेतन और बाल गृह के वासियों को बड़ा सहारा

केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन में वर्तमान में 180 से अधिक महिलाएं, बालिकाएं एवं बच्चे रह रहे हैं। ये सभी बेसहारा, परित्यक्त, शोषित एवं विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले लोग हैं। इन्हें समय-समय पर मेडिकल चेकअप और इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ता है। निःशुल्क ईवी वाहन सेवा शुरू होने से अब संस्थान में रहने वाली महिलाओं एवं बच्चों को अधिक सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक परिवहन सुविधा प्राप्त होगी।

“यह पहल केवल एक सुविधा मात्र नहीं है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सार्थक कदम है। ईवी वाहनों से जहाँ एक ओर प्रदूषण पर लगाम लगेगी, वहीं दूसरी ओर समाज के सबसे जरूरतमंद वर्ग को एक सुरक्षित आवागमन का अहसास होगा।” — सविन बंसल, जिलाधिकारी (देहरादून)

कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद

वाहन सेवा के शुभारंभ के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अभिनव शाह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सहित जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

यह पहल दिव्यांगजनों, वृद्धों और बेसहारा महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सुगम परिवहन समाधान प्रस्तुत करती है। इनके साथ-साथ, यह स्थानिक परिवहन की समस्याओं को भी हल करती है, जो इन्हें अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक होगी।

समाज के इन जरूरतमंद वर्गों के लिए इस तरह की सेवाएं शुरू करने से न केवल उनकी समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि यह समाज में समर्पण और संवेदनशीलता की भावना को भी प्रोत्साहित करेगी।

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— Team Kharchaa Pani, अदिति शर्मा

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