UTU पेपर लीक विवाद: सहायक प्रोफेसर की गिरफ्तारी और जांच समिति की कार्रवाई

आज यानी, गुरुवार 23 जुलाई को उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की परीक्षा में पेपर लीक हुआ था। इसी बीच अब पुलिस ने परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के आरोप में दून पुलिस ने यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से छात्रों … The post UTU पेपर लीक मामला: प्रोफेसर गिरफ्तार, व्हाट्सएप ग्रुप में परीक्षा से पहले शेयर किए थे सवाल appeared first on Khabar Uttarakhand - Uttarakhand News.

Jul 24, 2026 - 00:34
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UTU पेपर लीक विवाद: सहायक प्रोफेसर की गिरफ्तारी और जांच समिति की कार्रवाई
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UTU पेपर लीक विवाद: सहायक प्रोफेसर की गिरफ्तारी और जांच समिति की कार्रवाई

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की परीक्षा में पेपर लीक के मामले में एक सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने परीक्षा से पहले व्हाट्सएप ग्रुप में सवाल साझा किए थे, जो बाद में परीक्षा के प्रश्नपत्र में शामिल हुए थे।

गुरुवार, 23 जुलाई, को उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की परीक्षा में बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब यह पता चला कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया है। इस मामले में दून पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें पर यह आरोप है कि उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से छात्रों के साथ प्रश्न शेयर किए थे, जो परीक्षा में शामिल सवालों से हूबहू मेल खाते थे।

प्रश्नपत्र लीक का मामला: मामला दर्ज

उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ विनय कुमार पटेल के द्वारा कोतवाली प्रेमनगर में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया कि 8 जुलाई 2026 को आयोजित परीक्षा के संबंध में विश्वविद्यालय को एक ई-मेल प्राप्त हुआ था जिसमें यह उल्लेख किया गया था कि तीन जुलाई को शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून के सहायक प्रोफेसर ने प्रश्न साझा किए थे।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि शेयर किए गए प्रश्न उस पेपर में से काफी मेल खाते थे जो छात्रों को दिया गया था। यह स्पष्ट है कि सहायक प्रोफेसर ने अनुचित लाभ पहुंचाने की सोच के साथ यह कार्य किया।

जांच समिति का गठन

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय ने एक जांच समिति का गठन किया है। समिति ने पाया कि आशीष कुमार ने अलग-अलग माध्यमों के जरिए छात्रों के साथ समान प्रश्नों का आदान-प्रदान किया। यह एक गंभीर घोटाला है जो शिक्षा के क्षेत्र में भरोसे को तोड़ता है।

आरोपी की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

जिस शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई, उसके तहत कोतवाली प्रेमनगर में मामला दर्ज किया गया। देहरादून के एसएसपी द्वारा निर्देशित कार्रवाई के तहत सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब उनके पास से प्राप्त उपकरणों की जांच कर रही है ताकि इस मामले के अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा जा सके।

यह घटना शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और निष्ठा की आवश्यकता को उजागर करती है। यदि शिक्षकों और प्रोफेसरों के द्वारा ऐसे कृत्य किए जाएंगे, तो छात्रों का भविष्य और उनकी मेहनत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

इस मामले के चलते उम्मीद करते हैं कि जल्द ही जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिससे इस तरह की घटनाएं भविष्य में ना हो सकें। इस विवाद ने उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की छवि को भी धक्का पहुंचाया है, और इसे ठीक करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

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साइन ऑफ: टीम खर्चा पानी, राधिका शर्मा

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