महिला आरक्षण बिल पर CM Dhami का बयान, विपक्ष पर लगाए आरोप

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने प्रेसवार्ता की। मीडिया से बातचीत के दौरान बिल(women reservation bill ) की खासियतों को गिनाने का काम किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विपक्ष में प्रयास किया इस बिल को गिराने के लिए तरह-तरह की भ्रांतियां फैलाई और उसमें वो …

Apr 19, 2026 - 18:34
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महिला आरक्षण बिल पर CM Dhami का बयान, विपक्ष पर लगाए आरोप
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महिला आरक्षण बिल पर CM Dhami का बयान, विपक्ष पर लगाए आरोप

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला आरक्षण बिल के संदर्भ में प्रेस वार्ता में विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की। इस दौरान उन्होंने मीडिया के सामने महिला आरक्षण बिल की कई विशेषताओं को उजागर किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि कैसे विपक्ष ने इस बिल को गिराने के लिए गलतफहमियों का सहारा लिया। वे इस बात पर भी जोर दिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि उनका प्रयास इस बिल को पास कराने में जारी रहेगा और विपक्ष को जनता के सामने जवाब देना होगा।

महिला आरक्षण बिल के महत्व पर CM Dhami की राय

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने से महिलाएं और अधिक सशक्त होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बिल राज्यों के किसी भी अधिकार को कम नहीं करेगा। इसके साथ ही उन्होंने उल्लेख किया कि इस बिल के लागू होने से सभी राज्यों को समान अधिकार मिलेगा, चाहे वे उत्तर हो या दक्षिण।

सीएम धामी ने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए बताया कि कोई भी विपक्षी दल नहीं चाहता कि यह बिल पास हो। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं के घर की महिलाएं भी राजनीति में हैं, लेकिन वे नहीं चाहतीं कि समाज में अन्य प्रगतिशील महिलाएं आगे आएं। इस तरह का अवसरवादी व्यवहार समाज के लिए हानिकारक है।

विपक्ष पर गंभीर आरोप

उन्होंने आगे कहा, "2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को संसद में पास किया गया था, जिसमें महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित करने का प्रावधान हुआ। इस मुद्दे के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की आवश्यकता थी।" हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दलों ने इस मुद्दे को अपनी राजनीतिक स्वार्थ के लिए रोकने की कोशिश की है।

सीएम ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह वर्ग नारी शक्ति का अपमान कर रहा है। यह एक ऐतिहासिक निर्णय हो सकता था, जो हमारी महिलाओं, बहनों और बेटियों को सशक्त बनाने में मदद करता। लेकिन कांग्रेस ने इस प्रयास को विफल किया और पूरे मातृ शक्ति को पीछे धकेल दिया। इस प्रकार के निर्णय केवल महिलाओं के सशक्तीकरण में बाधा डालते हैं।

सीएम धामी की यह प्रेस वार्ता इस बात का संकेत है कि उनका सरकार महिला सशक्तीकरण को सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि एक वास्तविकता में बदलने का प्रयास कर रही है। हालांकि, उन्हें इसके लिए विपक्ष के समक्ष कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन उनका दृढ़ संकल्प इसे हासिल करने में मदद करेगा।

इस प्रेस वार्ता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री धामी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए गंभीर हैं और इसके लिए वे हर सम्भव रास्ता अपनाने को तैयार हैं। विपक्ष के साथ विवाद जारी रहने की संभावना है, लेकिन सरकार के पास महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता है।

इसके साथ ही, हमारा दृढ़ विश्वास है कि यदि सभी राजनीतिक दल इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएं, तो इससे समाज में एक नई चेतना का संचार होगा।

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सादर,
टीम खarchaapani, राधिका शर्मा

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