केदारनाथ यात्रा में घोड़ा-खच्चर संचालन की सख्त निगरानी, 8300 घोड़े-खच्चरों का फिटनेस परीक्षण
घोड़े-खच्चरों के लिए कुल 19 स्थानों पर गर्म पानी की सुविधा* *श्री केदारनाथ धाम यात्रा में घोड़े-खच्चरों के संचालन पर रखी जा रही है सख्त निगरानी* विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा इस वर्ष सफलता की नई मिसाल पेश कर रही है। यात्रा शुरू होने के मात्र 5 दिनों के भीतर ही डेढ़ लाख से […] The post घोड़ा-खच्चर के व्यवस्थित संचालन से सुगम हुई केदारनाथ यात्रा–इस वर्ष 8,300 घोड़े-खच्चरों का किया गया फिटनेस परीक्षण appeared first on Uttarakhand 24X7.
केदारनाथ यात्रा में घोड़ा-खच्चर संचालन की सख्त निगरानी, 8300 घोड़े-खच्चरों का फिटनेस परीक्षण
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कम शब्दों में कहें तो, इस वर्ष केदारनाथ यात्रा की सुगमता के लिए 8300 घोड़े-खच्चरों का फिटनेस परीक्षण किया गया है। इसके साथ ही, 19 स्थानों पर गर्म पानी की सुविधा का आयोजन किया गया है।
सुविधाजनक यात्रा के लिए विशेष प्रबंध
श्री केदारनाथ धाम यात्रा इस वर्ष एक नई सफलता की मिसाल पेश कर रही है। यात्रा के प्रारंभ होने के केवल 5 दिनों में ही डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न माध्यमों से जैसे पैदल, हेलीकॉप्टर, डंडी-कंडी और घोड़े-खच्चरों का उपयोग कर धाम तक पहुंच रहे हैं, जिससे यात्रा सुगम और व्यवस्थित बनी हुई है।
सख्त निगरानी और फिटनेस परीक्षण
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देश पर, पशुपालन विभाग द्वारा घोड़े-खच्चरों के संचालन पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष रावत ने जानकारी दी कि इस वर्ष 8300 घोड़े-खच्चरों का फिटनेस परीक्षण किया गया है, जिसमें से 7359 का डिजिटलीकरण कर पंजीकरण सुनिश्चित किया गया है। ये पंजीकृत पशु श्रद्धालुओं के आवागमन और माल ढुलाई में पूरी तरह से उपयोग हो रहे हैं। विशेष रूप से, 19 हजार श्रद्धालु इन सेवाओं का लाभ ले चुके हैं।
पशुओं के स्वास्थ्य की योजना
पशुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, 6 स्थानों पर अनवरत गर्म पानी की व्यवस्था की गई है, जबकि 13 स्थानों पर गीजर के माध्यम से गर्म पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि यात्रा के दौरान घोड़े और खच्चर सुरक्षित और स्वस्थ रहें।
निगरानी के लिए टास्क फोर्स
यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की निगरानी के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो निरंतर मॉनिटरिंग कर रही है। बिना लाइसेंस और बीमा के संचालन पर सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक तीन एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
चिकित्सा और चेकिंग प्वाइंट्स
इसके अलावा, सोनप्रयाग, गौरीकुंड, बड़ी लिनचोली और रुद्रा प्वाइंट पर पशु चिकित्सालय संचालित किए जा रहे हैं, जबकि भीमबली में चेकिंग प्वाइंट स्थापित किया गया है। गौरीकुंड में घोड़े-खच्चरों का गहन परीक्षण और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
राज्य सरकार की एसओपी के तहत यह सभी व्यवस्थाएं न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित कर रही हैं, बल्कि पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रख रही हैं। इस तरह की व्यवस्थाओं से यात्रा को अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाया जा रहा है।
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— टीम खर्चा पानी, स्नेहा आर्या
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