हेमकुंड साहिब के कपाट खुले, 'जो बोले सो निहाल' के जयकारों के साथ तीन हजार श्रद्धालुओं ने श्रद्धा से किए दर्शन

सिख धर्म की आस्था के प्रमुख केंद्र और पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट आज विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धालुओं के दर्शना के लिए खोल दिए गए। इसी के साथ hemkund sahib की वार्षिक यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। कपाट खुलने के अवसर पर करीब तीन हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद …

May 23, 2026 - 18:34
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हेमकुंड साहिब के कपाट खुले, 'जो बोले सो निहाल' के जयकारों के साथ तीन हजार श्रद्धालुओं ने श्रद्धा से किए दर्शन
सिख धर्म की आस्था के प्रमुख केंद्र और पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट आज विधि-विधान और धार

हेमकुंड साहिब के कपाट खुले, 'जो बोले सो निहाल' के जयकारों के साथ तीन हजार श्रद्धालुओं ने श्रद्धा से किए दर्शन

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कम शब्दों में कहें तो सिख धर्म के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब के कपाट आज विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोल दिए गए हैं। इस अवसर पर लगभग तीन हजार श्रद्धालु मौजूद रहे, जिनके लिए हेमकुंड साहिब की वार्षिक यात्रा का शुभारंभ किया गया है। अधिक जानकारियों के लिए, यहां क्लिक करें.

हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए

हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की प्रक्रिया के तहत, श्रद्धालुओं का एक प्रथम जत्था शुक्रवार को गोविन्दघाट गुरुद्वारे से 'पंच प्यारों' की अगुवाई में भारी उत्साह और भव्यता के साथ रवाना हुआ। इस यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के साथ बैंड-बाजों की धुन भी गूंज रही थी, और सुरक्षा व्यवस्था भी निश्चित रूप से कड़ी थी। यात्रा के लिए पवित्र निशान साहिब को भी साथ लाया गया था।

जयकारे और उत्साह के साथ श्रद्धालुओं का पहुंचना

श्रद्धालुओं ने रात का विश्राम घांघरिया गुरुद्वारे में किया, और शनिवार सुबह "जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल" के जयकारों के साथ वे हेमकुंड साहिब पहुंचे। यहां पर शुभ मुहूर्त में कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल गए। यह यात्रा हर साल जून से अक्टूबर तक चलती है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शीश नवाने और धार्मिक कर्म में भाग लेने के लिए आते हैं।

हेमकुंड साहिब की धार्मिक महत्वता

हेमकुंड साहिब केवल सिख धर्म का एक पवित्र स्थल नहीं है, बल्कि यह एक अद्भुत धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा भी है। यहाँ पर पहुंचने वाले श्रद्धालु न केवल आध्यात्मिक शांति और सुकून की तलाश में आते हैं, बल्कि वे एकता, भाईचारे और मानवता के मूल्य को भी यहां पाते हैं। यह स्थान सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने यहां ध्यान लगाया था।

अबकी यात्रा का विशेष आकर्षण

इस बार की यात्रा का विशेष आकर्षण यह है कि इसमें श्रद्धालु न केवल आस्था के साथ आते हैं, बल्कि वे यहाँ आकर एक दूसरे के साथ अपनी धार्मिक भावनाओं का आदान-प्रदान भी करते हैं। साथ ही, यहां की मनोहारी प्राकृतिक सुंदरता भी यात्रियों को आकर्षित करती है। पर्वतों और जल स्रोतों के बीच यह स्थान प्राकृतिक रूप से भी अद्भुत है।

शासन और सुरक्षा व्यवस्था

हेमकुंड साहिब की यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित किया गया है। श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। तीर्थ यात्रा के दौरान भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए हैं।

निष्कर्ष

हेमकुंड साहिब का उद्घाटन इस वर्ष के लिए एक पवित्र और भावनात्मक क्षण था। श्रद्धालुओं का समर्पण और आस्था इस स्थान को और भी विशेष बनाते हैं। आने वाले समय में, इस यात्रा का महत्व और भी बढ़ेगा, और हम सभी उम्मीद करते हैं कि हेमकुंड साहिब हमेशा श्रद्धालुओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

Team Kharchaa Pani - Neha Sharma

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