सितारगंज में अंतरराज्यीय असलहा तस्करी का भंडाफोड़, आतंकी संगठनों से जुड़े तार सामने आए
Sitarganj News : सितारगंज से दो अंतरराज्यीय असलहा तस्कर गिरफ्तार, आतंकी संगठन से जुड़ें हैं तार Sitarganj News : सितारगंज पुलिस और एसओजी केसंयुक्त ऑपरेशन में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सितारगंज में अंतरराज्यीय असलहा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। सितारगंज में अंतरराज्यीय असलहा तस्कर गिरोह का […]
सितारगंज में अंतरराज्यीय असलहा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़, आतंकी संगठन से जुड़ रहे तार
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कम शब्दों में कहें तो, सितारगंज पुलिस और एसओजी ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान दो अंतरराज्यीय असलहा तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनका संबंध आतंकी संगठनों से पाया गया है।
सितारगंज में पुलिस की एक बड़ी सफलता सामने आई है, जब सितारगंज पुलिस और एसओजी ने मिलकर एक अंतरराज्यीय असलहा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस ऑपरेशन के दौरान दो संदेहास्पद व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध तरीके से हथियारों की सप्लाई कर रहे थे।
अंतरराज्यीय असलहा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़
उधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति की कड़ी निगरानी में एसओजी रुद्रपुर और कोतवाली सितारगंज पुलिस ने संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान एक बिना नंबर प्लेट वाली सफेद स्विफ्ट कार को संदिग्ध समझकर रोकने की कोशिश की गई, लेकिन चालक ने भागने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता दिखाई और गाड़ी को कच्चे रास्ते से जाल में फंसा लिया।
दो अंतरराज्यीय असलहा तस्कर गिरफ्तार
महत्वपूर्ण जानकारी से भरपूर इस ऑपरेशन में पुलिस ने न केवल संदिग्धों को पकड़ा, बल्कि उनके पास से भारी मात्रा में अवैध असलहा और कारतूस भी बरामद किए। इताने ही नहीं, गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा उर्फ रानू के रूप में हुई है। दोनों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है और दोनों अंतरराज्यीय स्तर पर हथियारों की तस्करी में संलिप्त थे।
एसएसपी अजय गणपति के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्तियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वे आतंकी संगठन अल बदर से जुड़े हुए हैं। उनका कहना था कि वे पुलिस के डर से हथियारों को जंगल में छुपाने जा रहे थे।
आतंकी संगठन अल बदर से जुड़े तार
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के पास से 5 असलहा, 222 जिंदा कारतूस और 129 खोखा कारतूस बरामद किए हैं। दोनों के बैंक द्वारा की गई जांच में यह तथ्य सामने आया कि उनके अधिकतर लेनदेन जम्मू से जुड़े हुए हैं।
अधिकारीयों ने बताया कि दोनों अभियुक्तों ने कबूल किया कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध हथियारों की सप्लाई करने में संलिप्त थे और उन्हें जम्मू निवासी वाहिद वाजिद जैसे व्यक्तियों को हथियार उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। ऐसे में पुलिस ने इस मामले में और गहराई तक जाने का निर्णय लिया है।
आने वाले दिनों में इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और पता लगाया जाएगा कि ये असलहा कहाँ से आए थे और इनको किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा था।
इसके अतिरिक्त, पुलिस ने इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश शुरू कर दी है, ताकि इस प्रकार के अन्य आपराधिक गतिविधियों को रोका जा सके।
अंत में, यह ऑपरेशन एक महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ है, जो निश्चित रूप से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक कदम आगे है। यदि आप और अधिक अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें, तो kharchaapani.com पर जाएं।
टीम ख़र्चा पानी, साक्षी शर्मा
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