पिथौरागढ़ के मासूम की दर्दनाक मौत: कुत्ते के काटने की अनदेखी बनी खतरा

Pithoragarh news today: 12 साल के बच्चे की कुत्ते के काटने से मौत, परिजनों मे मचा कोहराम Pithoragarh news today: Ignoring dog bite mohit Dhami died Dharchula Pithoragarh Uttarakhand breaking latest news DevBhoomi darshan: कुत्ते का काटना कितना ज्यादा जानलेवा साबित हो सकता है ,इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि […] The post Pithoragarh news today: पिथौरागढ़ कुत्ते का काटना नजर‌अंदाज करना पड़ा भारी मासूम की गई जिंदगी appeared first on Uttarakhand News - Latest Breaking News, Samachar & Updates | Devbhoomi Darshan.

May 26, 2026 - 00:34
 111  3.7k
पिथौरागढ़ के मासूम की दर्दनाक मौत: कुत्ते के काटने की अनदेखी बनी खतरा
Pithoragarh news today: 12 साल के बच्चे की कुत्ते के काटने से मौत, परिजनों मे मचा कोहराम Pithoragarh news today: Ignoring dog bite mohit Dhami died Dharchula P

पिथौरागढ़ में कुत्ते के काटने से 12 वर्षीय बच्चे की जान गई

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Kharchaa Pani

कम शब्दों में कहें तो, पिथौरागढ़ में एक 12 वर्षीय बच्चे, मोहित धामी की कुत्ते के काटने से मौत हो गई, जिससे पूरे परिवार में मातम छा गया है। यह घटना धारीचुला क्षेत्र में हुई है, जहाँ कुत्ते के काटने को गंभीरता से न लेने का नतीजा बेहद दुखद रहा।

घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, मोहित धामी नाम का बच्चा, जो अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी एक आवारा कुत्ते ने उसे काट लिया। परिजनों ने शुरू में इसे गंभीरता से नहीं लिया और इलाज नहीं कराया। लेकिन कुछ दिन पश्चात, मोहित की तबियत बिगड़ गई और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे भर्ती किया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

कुत्ते के काटने के खतरे

कुत्ते का काटना स्वास्थ्य के लिए कितना ज्यादा जानलेवा साबित हो सकता है, इसका अंदाजा इस घटना से लगाया जा सकता है। एक समय पर यह मामले केवल सामान्य समझे जाते रहे हैं, लेकिन हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। कुत्ते के काटने के बाद यदि समय पर सही उपचार नहीं मिले तो यह संक्रमण और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।

परिवार का दुख

मोहित के आकस्मिक निधन से उसके परिवार में कोहराम मच गया है। माता-पिता और अन्य रिश्तेदार इस हादसे को सहन करने में असमर्थ हैं। मोहित की माँ ने बताया कि उन्हें अपने बेटे के खोने का आघात अभी भी नहीं हुआ है और यह घटना उन्हें ताउम्र परेशान करेगी।

समाज और प्रशासन की भूमिका

इस दुखद घटना ने समाज और प्रशासन दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अब सवाल यह उठता है कि आवारा जानवरों की समस्या को कैसे सुलझाया जाए। क्या प्रशासन ने कुत्तों के काटने से बचाव के लिए कोई ठोस कदम उठाए हैं? विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या नई नीतियां बनाई जा रही हैं? ये सभी सवाल अब आम जनता के मन में उठ रहे हैं।

निष्कर्ष

इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कुत्ते के काटने को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। माता-पिता को अपने बच्चों को इस प्रकार के खतरों से सुरक्षित रखने की दिशा में सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही, प्रशासन को भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

अधिक जानकारी के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। https://kharchaapani.com पर जाएं।

साइन ऑफ: टीम खर्चा पानी - राधिका शर्मा

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow