उत्तराखंड: अर्णव शौर्य बिष्ट ने सिंगापुर में एक करोड़ के पैकेज से बढ़ाया रुद्रप्रयाग का मान
तिलवाडा । जनपद रुद्रप्रयाग के सुदूरवर्ती सुरसाल गांव निवासी अर्णव शौर्य बिष्ट ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। आईआईटी मुंबई से पीएचडी पूरी करने के बाद अर्णव का चयन अमेरिका की दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनी ग्लोबलफाउंड्रीज के सिंगापुर कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स साइंटिस्ट के पद […] The post रुद्रप्रयाग के अर्णव ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, सिंगापुर में एक करोड़ के पैकेज पर चयन appeared first on Uttarakhand 24X7.
अर्णव शौर्य बिष्ट ने रुद्रप्रयाग का मान बढ़ाया, सिंगापुर में मिला एक करोड़ का पैकेज
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कम शब्दों में कहें तो, रुद्रप्रयाग के अर्णव शौर्य बिष्ट ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर सिंगापुर में एक करोड़ रुपये के वार्षिक पैकेज पर चयनित होकर उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।
तिलवाडा। जनपद रुद्रप्रयाग के दूरदराज के सुरसाल गांव के निवासी अर्णव शौर्य बिष्ट ने अपने अद्भुत हुनर और अथक प्रयास के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। आईआईटी मुंबई से अपनी पीएचडी पूरी करने के बाद, अर्णव का चयन अमेरिका की प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनी ग्लोबलफाउंड्रीज के सिंगापुर कार्यालय में इलेक्ट्रॉनिक्स साइंटिस्ट के पद के लिए हुआ है। उन्हें लगभग एक करोड़ रुपये का वार्षिक पैकेज मिला है, जो कि पहाड़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पहाड़ से निकलकर अर्णव ने बनाया अंतरराष्ट्रीय पहचान
अर्णव की यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में प्राप्त की। उनके पिता, जो एक राजकीय इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य हैं, और माता, जो प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका हैं, ने शिक्षा का माहौल घर में बनाया। बचपन से ही अर्णव ने पढ़ाई के प्रति गंभीरता दिखाई, जो उनकी सफलता में एक महत्वपूर्ण कारक साबित हुआ है।
उनकी प्रारंभिक पढ़ाई तिलवाड़ा में हुई, उसके बाद उन्होंने विद्या मंदिर सुमाड़ी से हाईस्कूल तथा विद्या मंदिर बेलनी से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए अर्णव ने एनआईटी श्रीनगर से बीटेक, आईआईटी रुड़की से एमटेक और अंततः आईआईटी मुंबई से पीएचडी की।
शोध और तकनीकी क्षेत्र में हासिल की पहचान
अर्णव ने अपनी उच्च शिक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता विकसित की। पीएचडी पूरी करने के बाद उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी में काम करने का अवसर मिला। ग्लोबलफाउंड्रीज के सिंगापुर कार्यालय में उनके चयन को पहाड़ के अन्य युवाओं के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
करीब एक करोड़ रुपये के वार्षिक पैकेज पर चयन होने से उनके परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनके परिचितों और ग्रामीणों ने अर्णव की इस उपलब्धि पर बधाई दी, इसे पूरे रुद्रप्रयाग के लिए गर्व का क्षण बताया।
युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत
अर्णव शौर्य बिष्ट की कहानी उन पहाड़ी युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और सूझबूझ से छोटे से गांव से निकलकर देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शिक्षा प्राप्त की और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
उनकी यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि मेहनत, लगन, और सही दिशा में निरंतर प्रयास से पहाड़ का युवा भी वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। अर्णव की सफलता ने उनके परिवार के साथ-साथ रुद्रप्रयाग और पूरे उत्तराखंड में गर्व का वातावरण पैदा किया है।
भविष्य की ओर देखते हुए
अर्णव की कहानी हमें सिखाती है कि शिक्षा और मेहनत ही सफलता की सीढ़ी हैं। जैसे-जैसे अर्णव अपने नए कार्यक्षेत्र में कदम रखेंगे, उनकी प्रेरणा से और भी युवा आगे बढ़ेंगे और अपने सपनों को पूरा करेंगे। उनके द्वारा स्थापित मानकों से निश्चित ही पहाड़ी क्षेत्र के अन्य छात्र भी प्रेरित होंगे।
इस प्रकार, हम रुद्रप्रयाग के अर्णव शौर्य बिष्ट को उनकी सफलता के लिए बधाई देते हैं और आशा करते हैं कि वे अपने क्षेत्र में लगातार प्रगति करते रहें।
इसके अलावा, युवक एवं युवतियों को चाहिए कि वे अपने सपनों के लिए कड़ी मेहनत करें और संघर्ष करें, क्योंकि सफलता कभी भी मेहनत का गलत जवाब नहीं देती।
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सादर, टीम खचर्चा पानी (नेहा शर्मा)
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