देहरादून: अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक, मतदाता सूची पुनरीक्षण पर चर्चा
देहरादून : मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशों पर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में शनिवार को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई एवं राजनैतिक दलों के सुझाव प्राप्त किए […]
देहरादून में सर्वदलीय बैठक: मतदाता सूची पुनरीक्षण पर चर्चा
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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में शनिवार को अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक का उद्देश्य और प्रक्रिया:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशों के अनुसार, इस बैठक में विवेचना की गई कि पोस्टर में शामिल कुल 71 लाख मतदाताओं में से 24 लाख मतदाताओं को अनमैप्ड और विसंगति के आधार पर नोटिस जारी किए गए थे। बैठक में यह बताया गया कि इनमें से 15 लाख से अधिक नोटिसों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष नोटिसों पर कार्रवाई जारी है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने इस बात पर जोर दिया कि एसआईआर प्रक्रिया को नियमावली के अनुसार संपादित किया जा रहा है। इसके लिए, प्रत्याशियों की सहायता सुनिश्चित करने हेतु नौ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति:
बैठक में कई प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारतीय जनता पार्टी से श्री अनिल गोयल और श्री राजकुमार पुरोहित, इंडियन नेशनल कांग्रेस से श्री मनोज रावत और मौ० सुलेमान अंसारी, बीएसपी से श्री सत्यपाल, श्री सतेंद्र और श्री जसपाल, आम आदमी पार्टी से श्री श्याम बाबू पांड्य और सीपीआई (एम) से श्री अनंत आकाश उपस्थित रहे।
इस बैठक से स्पष्ट होता है कि चुनावी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए चुनाव आयोग प्रतिबद्ध है। मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया में अधिक सटीकता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी। अब यह देखना होगा कि राजनीतिक दल इस प्रक्रिया को कैसे स्वीकार करते हैं और उनके द्वारा दिए गए सुझावों को कैसे लागू किया जाता है।
इस उच्च स्तरीय बैठक ने एक बार फिर से चुनाव की प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता को उजागर किया है, जिसे सभी राजनीतिक दलों और निर्वाचन आयोग को मिलकर हल करना है।
इसके अलावा, बैठक के दौरान सभी दलों ने मतदाता सूची में सुधार के लिए अपने अनुभव और सुझाव साझा किए, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले चुनावों में मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी।
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Team Kharchaa Pani, सिया शर्मा
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