AYUSH SETU PORTAL: उत्तराखंड में योग केंद्रों की पंजीकरण प्रक्रिया आसान, पहली बार ऑनलाइन प्लेटफार्म का लाभ
देहरादून: AYUSH SETU PORTAL उत्तराखंड में देश की पहली योग नीति 21 जून 2025 को लागू हो चुकी है. इसके बाद से ही इस योग नीति में दिए गए प्रावधानों के तहत काम किया जा रहे हैं. उत्तराखंड योग पॉलिसी 2025 में योगिया प्राकृतिक चिकित्सा निदेशालय की स्थापना के साथ ही ऑनलाइन योग प्लेटफार्म की […] The post AYUSH SETU PORTAL : उत्तराखंड में आयुष सेतु पोर्टल लॉन्च, योग केंद्रों के पंजीकरण और प्रमाणन की व्यवस्था होगी आसान appeared first on Page Three.
AYUSH SETU PORTAL: उत्तराखंड में योग केंद्रों की पंजीकरण प्रक्रिया आसान, पहली बार ऑनलाइन प्लेटफार्म का लाभ
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में AYUSH SETU PORTAL का शुभारंभ हुआ है, जिसके तहत योग केंद्रों के पंजीकरण और प्रमाणन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। योग नीति 2025 के अंतर्गत यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है।
AYUSH SETU पोर्टल का महत्व
उत्तराखंड में 21 जून 2025 को लागू हुई देश की पहली योग नीति के बाद, AYUSH SETU PORTAL की आवश्यकता महसूस की गई। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य में योग केंद्रों का पंजीकरण और प्रमाणन बिना किसी कठिनाई के किया जा सकेगा। इस योजना के तहत, योगिया प्राकृतिक चिकित्सा निदेशालय का गठन किया गया है, जो ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से योग और प्राकृतिक चिकित्सा की सुविधाओं को बढ़ावा देगा।
पोर्टल के विशेषताएँ
AYUSH SETU PORTAL में उपयोगकर्ताओं को कई सुविधाएँ मिलेंगी:
- सरल पंजीकरण प्रक्रिया: पोर्टल पर योग केंद्रों का पंजीकरण करना अब बहुत आसान हो गया है।
- अनलाइन प्रमाणन: योग शिक्षकों और केंद्रों के लिए प्रमाणन प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध होगी।
- शिक्षण संसाधन: योग और प्राकृतिक चिकित्सा के लिए संसाधनों तक सीधी पहुँच।
स्वास्थ्य और कल्याण के लिए योग का महत्व
योग केवल एक व्यायाम पद्धति नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और कल्याण का एक तरीका है। यह मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक विकास में मदद करता है। उत्तराखंड की योग नीति 2025 ऐसे ही लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए बनाई गई है। इस नीति के तहत, राज्य में योग के व्यापक विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
AYUSH SETU पोर्टल का भविष्य
इस पोर्टल का उद्देश्य योग को एक एकीकृत ढंग से पेश करना है। इससे न केवल योग केंद्रों को लाभ होगा, बल्कि आम जनमानस को भी योग के लाभ पहुँचाने की सुविधा मिलेगी। उम्मीद की जा रही है कि इस नए ऑनलाइन ढांचे से योग को एक नई पहचान मिलेगी।
निष्कर्ष
AYUSH SETU PORTAL का शुभारंभ उत्तराखंड में योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह पोर्टल योग केंद्रों के लिए पंजीकरण और प्रमाणन को सरल बनाते हुए, स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक कदम है। आने वाले समय में इस पोर्टल के लाभ निश्चित रूप से पूरे देश में योग के प्रचार-प्रसार में मदद करेंगे।
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सादर,
महिमा शर्मा, टीम खर्जा पानी
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