रुद्रप्रयाग में जूनियर हाई स्कूल शिक्षकों की हुंकार रैली, 13 मांगों के लिए शासन के खिलाफ सशक्त प्रदर्शन

रुद्रप्रयाग..सोमवार 18 मई 2026 को प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ उत्तराखंड के आह्वान पर पूरे प्रदेश के 13 जिलों में शिक्षकों का धरना प्रदर्शन रैली थी जिसके क्रम में जनपद रुद्रप्रयाग जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ का भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रैली निकाली गई जो की बेला तिराहा बैंड से रैली निकालने […] The post रुद्रप्रयाग में जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ की हुंकार रैली, 13 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन,ADM के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन appeared first on Uttarakhand 24X7.

May 19, 2026 - 00:34
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रुद्रप्रयाग में जूनियर हाई स्कूल शिक्षकों की हुंकार रैली, 13 मांगों के लिए शासन के खिलाफ सशक्त प्रदर्शन
रुद्रप्रयाग..सोमवार 18 मई 2026 को प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ उत्तराखंड के आह्वान पर पूरे प्

रुद्रप्रयाग में जूनियर हाई स्कूल शिक्षकों की हुंकार रैली

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कम शब्दों में कहें तो, रुद्रप्रयाग के जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने एक सशक्त रैली का आयोजन किया। इस आयोजन का उद्देश्य 13 सूत्रीय मांगों को लेकर शासन पर दबाव बनाना था।

तारीख और आयोजन

सोमवार 18 मई 2026 को प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ उत्तराखंड के आह्वान पर पूरे प्रदेश के 13 जिलों में शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया। रुद्रप्रयाग जनपद में भी इसी क्रम में रैली का आयोजन किया गया, जो कि बेला तिराहा बैंड से शुरू होकर जिला कार्यालय रुद्रप्रयाग में समाप्त हुई।

मांगें

इस रैली में शिक्षकों ने विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया, जिसमें शामिल हैं:

  • टीईटी की अनिवार्यता को वापस लेना
  • 17140 की वसूली को बंद करना
  • त्रिस्तरीय कैडर लागू करना
  • 5400 ग्रेड पे वालों को राजपत्रित अधिकारी घोषित करना
  • प्रत्येक विद्यालय में अंग्रेजी के अध्यापक की नियुक्ति करना
  • पुरानी पेंशन बहाल करना
  • अस्पतालों में ओपीडी की सुविधा लागू करना
  • मंडल कैडर की मांग

इन मांगों को लेकर जिला अधिकारी रुद्रप्रयाग के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया।

संगठन का नेतृत्व

इस विशाल हुंकार रैली में संगठन के जिला अध्यक्ष लखपत सिंह लिंगवाल, महामंत्री डॉ. राधेलाल उत्तरांचली, पूर्व अध्यक्ष श्री दलेबसिंह राणा और प्रान्तीय संयुक्त मन्त्री श्री हेमन्त भट्ट के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षिकाएं शामिल हुईं।

आगे की रणनीति

इस रैली के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए, 29 मई को पूरे प्रदेश के शिक्षकों द्वारा एक और व्यापक रैली का आयोजन किया जाएगा, जो कि निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा, देहरादून के कार्यालय में होगी। इस सभा में शिक्षकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए और अधिक प्रदर्शन किए जाएंगे।

शिक्षकों की भावनाएं

रैली में शामिल सभी शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि 'टीईटी की नोटिफिकेशन डेट लागू होने के बाद टीईटी करना तो ठीक है, लेकिन नोटिफिकेशन डेट लागू होने (23 अगस्त 2010) से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता संविधान और नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध है।' उन्होंने भारत सरकार और माननीय सर्वोच्च न्यायालय से इस मामले पर पुनर्विचार की अपील की।

निष्कर्ष

इस आंदोलन में सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया और अपनी आवाज उठाई। रुद्रप्रयाग की इस हुंकार रैली ने निश्चित रूप से शासन की नींद उड़ा दी है। शिक्षकों का यह आंदोलन न केवल उनकी स्वार्थी आवश्यकताओं का प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि समग्र शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह रैली दर्शाती है कि एकजुटता में शक्ति होती है। अब देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या कार्रवाई करती है।

अधिक विवरणों और अद्यतनों के लिए, यहाँ क्लिक करें.

— Team Kharchaa Pani, सुनीता शर्मा

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