नानकमत्ता में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया तथा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नानकमत्ता साहिब की पावन धरती, जहां गुरुओं का आशीर्वाद सदैव बना रहता है, वहां महाराणा […]

May 17, 2026 - 00:34
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नानकमत्ता में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में आयोजित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह क�

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नानकमत्ता दौरा

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया और मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने नानकमत्ता में आयोजित यह महत्वपूर्ण समारोह में दीप प्रज्ज्वलित करके आयोजन की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नानकमत्ता साहिब की पावन धरती, जहाँ गुरुओं का आशीर्वाद सदैव बना रहता है, वहाँ महाराणा प्रताप जैसे महान राष्ट्र नायक का स्मरण करना गौरव का विषय है।

महाराणा प्रताप का संदेश

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के शासक नहीं थे, बल्कि वे भारत की आन, बान और स्वाभिमान के अमर प्रतीक थे। उनका जीवन त्याग, संघर्ष, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायी गाथा है, जो आज भी हर भारतीय को ऊर्जा और गौरव से भर देती है। इस संदर्भ में उनका जीवन एक प्रेरणा स्रोत है और हमें यह सिखाता है कि देश, संस्कृति, और स्वाभिमान की रक्षा के लिए हमेशा खड़े रहना चाहिए।

थारू संस्कृति और परंपरा की रक्षा

मुख्यमंत्री ने थारू समाज की परंपराओं, लोकगीतों और लोकनृत्यों की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि यह उत्तराखंड की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के विकास के लिए उठाए गए ऐतिहासिक कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

राज्य सरकार की योजनाएँ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी जनजातीय समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अटल आवास योजना के अंतर्गत आय सीमा को व्यावहारिक बनाया गया है तथा आवास निर्माण सहायता बढ़ाई गई है। उधम सिंह नगर में इस योजना के तहत लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनमन योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि बड़ी संख्या में जनजातीय परिवारों को इन योजनाओं से लाभ पहुंचाया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का महत्व देते हुए उन्होंने कहा कि जनजाति कल्याण विभाग के द्वारा आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों और आईटीआई संस्थानों के विकास के लिए करोड़ों रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है।

महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री ने जनजातीय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए आजीविका मिशन और वन धन केंद्रों के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने बताया कि महिलाओं को 1 करोड़ रुपये से अधिक की चक्रीय निधि और 8 करोड़ रुपये से अधिक की निवेश सहायता प्रदान की गई है। इसके साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया गया है।

सुरक्षा और सम्मान की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने समाज को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा, सम्मान और विकास के लिए राज्य सरकार हर स्तर पर कार्य करना जारी रखेगी। उन्होंने कार्यक्रम से पूर्व नानकमत्ता गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।

इस कार्यक्रम ने न केवल महाराणा प्रताप के जीवन के प्रति सम्मान प्रकट किया, बल्कि समर्पित प्रयासों का भी प्रदर्शन किया गया जो जनजातीय समाज की प्रगति के लिए किए जा रहे हैं।

इससे स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड सरकार जनजातीय समाज के विकास, उनके अधिकारों की रक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति दृढ़ संकल्पित है।

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सादर,
टीम खर्चा पानी - प्रिया सिंगला

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