उत्तराखंड में बीजेपी नेता के बेटे के साथ ठगी, सरकारी जमीन बेचने का मामला उजागर
उत्तराखंड में जमीनों की खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी के मामले नए नहीं हैं, लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। अब तक आम लोग ठगी का शिकार होते आए थे, मगर इस बार ठगों ने सत्ताधारी दल के ही एक विधायक के परिवार को निशाना बना दिया। BJP नेता के बेटे के साथ ठगी …
उत्तराखंड में बीजेपी नेता के बेटे के साथ ठगी, सरकारी जमीन बेचने का मामला उजागर
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में बीजेपी नेता के बेटे विकास भगत के साथ धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी पांच भाइयों ने उन्हें सरकारी जमीन बेचने का झांसा दिया।
राज्य में जमीनों की खरीद-फरोख्त के मामलों में धोखाधड़ी के कई उदाहरण देखने को मिले हैं, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है। ठगी का शिकार आम लोग होते आए हैं, लेकिन इस बार ठगों ने सत्ताधारी दल के विधायक के परिवार को अपना निशाना बनाया। यह मामला कालाढूंगी क्षेत्र से संबंधित है, जहां बीजेपी विधायक बंशीधर भगत के बेटे विकास भगत के साथ यह ठगी की गई।
BJP नेता के बेटे के साथ ठगी का विवरण
इस मामले में आरोप है कि पांच सगे भाइयों ने विकास भगत को ऐसी जमीन बेची, जिसमें सरकारी भूमि भी शामिल थी। यह सौदा 30 मार्च 2012 का बताया गया है। विकास भगत ने ग्राम नंदपुर कठघरिया के भाइयों नवीन चंद्र, खीमानंद, मोहन चंद्र, कैलाश चंद्र और उमेश चंद्र से करीब 6691 वर्ग फुट जमीन ने खरीदी थी। उस समय यह जमीन पूरी तरह से वैध बताई गई थी, लेकिन इस फैसले की वास्तविकता सालों बाद सामने आई।
सरकारी जमीन बेचने का आरोप
हालांकि, स्थिति ने वर्ष 2019 में एक नया मोड़ लिया, जब विकास भगत ने उसी जमीन को फिर से बेचने का प्रयास किया। तभी यह खुलासा हुआ कि जिस जमीन को निजी बताया गया था, उसमें सड़क और सिंचाई विभाग की गूल नहर की जमीन भी शामिल थी। इस प्रकार सरकारी जमीन का सौदे में समावेश किया गया था। इस गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 2020 में पूरे मामले की जांच का आदेश दिया। जांच में पता चला कि आरोपियों ने सिंचाई विभाग की गूल को नुकसान पहुंचाकर उसे अपनी जमीन में मिला लिया और वही भूमि बेची। इसके बाद प्रशासन ने विवादित जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।
जांच के बाद आरोपियों पर केस दर्ज
हालांकि इस मामले में यह तय हुआ था कि विक्रेता विकास भगत को दूसरी जगह जमीन मुहैया कराएगा, लेकिन इस वादे को कई सालों तक पूरा नहीं किया गया। अब यह मामला फिर से तूल पकड़ चुका है। विकास भगत की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सभी पांच भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और इसकी जांच प्रारंभ कर दी गई है। सीओ सिटी अमित कुमार के अनुसार, सिंचाई विभाग की भूमि को अवैध रूप से बेचने के मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है और पूरे मामले की सख्त जांच की जा रही है।
यह घटना यह दिखाती है कि सत्ताधारी दल के नेताओं और उनके परिवार भी धोखाधड़ी के मामलों से अछूते नहीं रहे हैं। इसके साथ ही, यह राज्य में भू-माफिया के बढ़ते प्रभाव और कमीशनखोरी की स्थिति को भी उजागर करता है।
यह मामला न केवल विकास भगत के लिए एक व्यक्तिगत धोखाधड़ी का मामला है, बल्कि यह एक बड़े पैमाने पर चल रही जमीनों की अवैध बिक्री और सरकारी संपत्तियों के अनधिकृत हस्तांतरण की ओर भी इशारा करता है। इसके प्रभावी हल के लिए प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को न केवल सख्त कार्रवाई करनी होगी, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए ठोस नीतियाँ भी बनानी होंगी।
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Team Kharchaa Pani
Priya Sharma
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