सहारनपुर मदरसे में 10 साल के बच्चे की बर्बर पिटाई का वीडियो वायरल, दो शिक्षक गिरफ्तार
सोशल मीडिया पर मदरसे में बच्चे को पीटने का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि दो शिक्षक 10 साल के बच्चे को बेरहमी से पीट रहे है। एक मौलाना ने बच्चे के पैर पकड़े है तो वहीं दूसरा उसकी डंडे से पिटाई कर रहा है। वीडियो वायरल …
सहारनपुर मदरसे में 10 साल के बच्चे की बर्बर पिटाई का वीडियो वायरल
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कम शब्दों में कहें तो, सोशल मीडिया पर एक disturbing वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दो शिक्षकों ने एक 10 साल के बच्चे को बेरहमी से पीटा है। इस घटना ने पूरे देश में रोष पैदा कर दिया है और पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इस वायरल वीडियो में, एक मौलाना बच्चे के पैर पकड़े हुए है, जबकि दूसरा उसकी पीठ पर डंडे से मार रहा है। यह अकल्पनीय दृश्य दर्शाता है कि कैसे एक शिक्षक को अपने विद्यार्थियों के प्रति अनुशासन सिखाने का तरीका क्या बन गया है। इस घटना के बारे में जानकारी मिलने के बाद स्थानीय धार्मिक नेता कारी साजिद हसन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और तुंरत कार्रवाई करने की अपील की।
मदरसे में बच्चे के साथ बर्बरता की दास्तान
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चे की चीखें सुनकर भी दोनों शिक्षक नहीं रुक रहे। यह घटना गंगोह के मोहल्ला मोहम्मद गौरी स्थित मदरसा दारूल उलूम जकरिया में हुई है, जहां आसपास के बच्चे तालीम ले रहे हैं। इस मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों के मुँह से निकली चीखें अब न्याय की गुहार बन गई हैं।
सख्त कानून की आवश्यकता पर जोर
जुनैद और शोयब नाम के दोनों शिक्षकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इन पर पर्याप्त सजा दी जाएगी? क्या हमारे समाज में बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाने की आवश्यकता नहीं है? वीडियो वायरल होने के बाद देशभर में इस तरह की घटनाओं के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
समाज का मौन और बच्चों की सुरक्षा
यह हैरान करने वाली बात है कि ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन समाज हमेशा मौन खड़ा रहता है। बच्चों के साथ इस तरह की हिंसा को कभी भी सहनीय नहीं ठहराया जा सकता है। हमें चाहिए कि हम सभी मिलकर अपने बच्चों को सुरक्षा प्रदान करें और ऐसे शिक्षकों पर नजर रखें जो अपने कर्तव्यों को समझते नहीं हैं।
इस मामले में जो भी व्यक्ति इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आगे आए, उसे समाज में सराहा जाना चाहिए। इस दिशा में शिक्षा एवं जागरूकता ही सबसे अहम कदम है।
अंत में, हमें यह सोचने की जरूरत है कि हम अपने बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए क्या कर सकते हैं। समाज को इस तरह की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता है।
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Signed off by: सुष्मा कुमारी, Team Kharchaa Pani
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