प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस एवं स्लोवाकिया यात्रा: नई रणनीतिक साझेदारी का आगाज़
नई दिल्ली, 20 जून 2026। प्रधानमंत्री Narendra Modi अपनी छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा पूरी कर भारत लौट आए हैं। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं, जिनमें व्यापार, रक्षा, डिजिटल तकनीक, शिक्षा, नवाचार और निवेश जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। यह यात्रा भारत के बढ़ते … The post प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा संपन्न, भारत लौटे; व्यापार, तकनीक और रक्षा सहयोग को मिली नई गति appeared first on Just Action.
प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस एवं स्लोवाकिया यात्रा: नई रणनीतिक साझेदारी का आगाज़
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कम शब्दों में कहें तो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी महत्वपूर्ण फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा पूरी की, जहां व्यापार, तकनीक और रक्षा सहयोग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हुई।
नई दिल्ली, 20 जून 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व से कई महत्वपूर्ण वार्ताएं कीं, जिनमें व्यापार, रक्षा, डिजिटल तकनीक, शिक्षा, नवाचार और निवेश जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह यात्रा भारत के वैश्विक प्रभाव को और मजबूती प्रदान करने और यूरोपीय देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
फ्रांस में नई रणनीतिक साझेदारी
फ्रांस प्रवास के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस वार्ता के दौरान, दोनों देशों ने कुल 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिससे डिजिटल भुगतान, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष, शिक्षा और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में नई दिशा मिली। विशेष रूप से, भारत के डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म UPI के फ्रांस में विस्तार पर भी गहन चर्चा हुई।
भारत इनोवेट्स 2026 सम्मेलन का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने ‘भारत इनोवेट्स 2026’ सम्मेलन का उद्घाटन भी किया। इस सम्मेलन में दोनों देशों के स्टार्टअप, निवेशक और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। इसका मुख्य उद्देश्य नवाचार और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देना था।
G7 मंच पर भारत की सक्रियता
फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक आर्थिक विकास, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक दक्षिण के मुद्दों को उठाया। यह लगातार सातवीं बार था जब भारत को G7 मंच पर आमंत्रित किया गया, जो कि भारत की वैश्विक भूमिका को दर्शाता है।
स्लोवाकिया में घनिष्ठ संबंध
प्रधानमंत्री मोदी की स्लोवाकिया यात्रा अनेकों मायनों में ऐतिहासिक रही। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली आधिकारिक यात्रा थी। ब्रातिस्लावा में, प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेल्लेग्रीनी से मुलाकात की। दोनों देशों ने अपने सहयोग को ‘कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप’ के स्तर तक बढ़ाने का संकल्प लिया।
विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग
बैठकों के दौरान, रक्षा सहयोग, विनिर्माण, परिवहन, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, जैव ईंधन, शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। साथ ही, श्रम और कौशल विकास, तकनीकी अनुसंधान तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान से संबंधित कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए।
स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
स्लोवाकिया के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)” से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत की जनता और भारत-स्लोवाकिया मित्रता को समर्पित किया।
कूटनीतिक ताकत का शानदार प्रदर्शन
इस यात्रा के साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यकाल की 100वीं विदेश यात्रा का भी महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया। विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रांस और स्लोवाकिया के साथ हुए समझौतों का सकारात्मक प्रभाव भारत के व्यापार, रक्षा, तकनीकी विकास और वैश्विक सहयोग पर आने वाले वर्षों में दिखेगा।
इस यात्रा ने वास्तव में भारत की कूटनीतिक ताकत को और भी मजबूती प्रदान की है। इससे न केवल भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि यह आने वाले समय में कई नई आर्थिक एवं तकनीकी संभावनाएं भी खोलेगा।
फिर भी, यह देखा जाना बाकी है कि इन समझौतों को जमीन पर कितनी जल्दी लागू किया जाएगा और क्या ये वास्तव में भारत के लिए फायदेमंद साबित होंगे।
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