प्रधानमंत्री पोषण योजना में मिली लापरवाही, छह विद्यालयों से खंडन मांगा गया
रुद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री पोषण योजना (पीएम पोषण) के तहत बच्चों को दिए जा रहे पके-पकाए भोजन की निगरानी के लिए संचालित ऑटोमैटिक रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम की मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने समीक्षा की। समीक्षा में छह विद्यालयों द्वारा भोजन ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या की गलत सूचना एसएमएस के माध्यम से भेजे […] The post पीएम पोषण योजना में लापरवाही पर छह विद्यालयों से स्पष्टीकरण appeared first on Uttarakhand 24X7.
प्रधानमंत्री पोषण योजना में मिली लापरवाही, छह विद्यालयों से खंडन मांगा गया
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कम शब्दों में कहें तो, रुद्रप्रयाग जिले में प्रधानमंत्री पोषण योजना (पीएम पोषण) के तहत बच्चों को दिए जा रहे भोजन की निगरानी की गई, जिसमें छह विद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
रुद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री पोषण योजना (पीएम पोषण) के अंतर्गत छात्रों को दिए जाने वाले पके-पकाए भोजन का सही तरीके से संचालन सुनिश्चित करने हेतु मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी ने हाल ही में एक समीक्षा कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने पाया कि छह विद्यालयों ने भोजन ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों की संख्या की गलत जानकारी एसएमएस के माध्यम से भेजी थी।
क्यों की गई शिकायत?
मुख्य शिक्षा अधिकारी की समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित विद्यालयों ने पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले वास्तविक संख्या को गलत तरीके से प्रस्तुत किया। यह जानकारी पीएम पोषण योजना के तहत हर कार्य दिवस छात्र-छात्राओं द्वारा भोजन ग्रहण करने की संख्या को रिपोर्ट करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे संस्थाध्यक्ष अथवा पीएम पोषण प्रभारी द्वारा दर्ज किया जाता है।
आलंब में शामिल विद्यालय
अवैध सूचना भेजने वाले विद्यालयों में ऊखीमठ विकासखंड का राजकीय इंटर कॉलेज नारायणकोटी, जखोली का जनता जूनियर हाईस्कूल विनोधारा, और अगस्त्यमुनि विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय सिल्ला, प्राथमिक विद्यालय कौशलपुर, प्राथमिक विद्यालय बौठा धनपुर और राजकीय इंटर कॉलेज कमसाल शामिल हैं।
अधिकारी की टिप्पणी
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संबंधित खंड एवं उप शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इन विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण प्राप्त करें और ऐसी गलतियों को भविष्य में न दोहराने के लिए चेतावनी दें। उन्होंने कहा है कि पीएम पोषण योजना की नियमित समीक्षा जिला और राज्य स्तर पर की जा रही है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निर्देशों का पालन अवश्य
अजय कुमार चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हर माह 7 गते तक पीएम पोषण का डाटा फीडिंग कार्य अनिवार्य रूप से पूरा करें और यह सुनिश्चित करें कि वास्तविक रूप से भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों की संख्या के आधार पर ही डाटा दर्ज किया जाए।
इसके अलावा, उन्होंने योजना के तहत सभी उप शिक्षा अधिकारियों को लक्ष्य और मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन वितरण सुनिश्चित करने की भी जिम्मेदारी सौंपी।
इस घटना ने यह स्पष्ट किया है कि शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बहुत ही महत्वपूर्ण है, जिससे बच्चों को सुरक्षित और सही भोजन की सुनिश्चितता हो सके।
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この記事は、教育 क्षेत्र में स्थापित मानकों की महत्ता पर ध्यान केंद्रित करता है। शिक्षण की गुणवत्ता और छात्र कल्याण के लिए संस्थाओं को हमेशा अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए।
सादर,
टीम खर्चा पानी - नेहा
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