देहरादून समाचार: DM सेविन बंसल का ऐतिहासिक निर्णय, अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक केंद्रों पर नए कड़े नियम

डायग्नोस्टिक सेंटरों की होगी कड़ी जांच, बिना मानक नहीं मिलेगा लाइसेंस DEHRADUN NEWS: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिले में संचालित और प्रस्तावित अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के पंजीकरण और नवीनीकरण को लेकर कड़े मानक तय कर […]

Apr 9, 2026 - 18:34
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देहरादून समाचार: DM सेविन बंसल का ऐतिहासिक निर्णय, अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक केंद्रों पर नए कड़े नियम
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देहरादून समाचार: DM सेविन बंसल का ऐतिहासिक निर्णय, अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक केंद्रों पर नए कड़े नियम

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कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में स्वास्थ्य सेवाओं को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने नए और सख्त नियम लागू किए हैं। अब अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक केंद्रों के लिए पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को कड़ी जांच के साथ जोड़ा गया है।

डायग्नोस्टिक सेंटरों की होगी कड़ी जांच, बिना मानक नहीं मिलेगा लाइसेंस

DEHRADUN NEWS: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा और व्यवस्थापन सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार, जिले में संचालित और प्रस्तावित अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए नए कड़े मानक निर्धारित किए गए हैं। अब कोई भी सेंटर निर्धारित सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के बिना संचालन नहीं कर पाएगा, जिससे कि आम लोगों को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

मुख्य बिंदु

पंजीकरण और नवीनीकरण प्रक्रिया पर सख्ती

जिला प्रशासन द्वारा पिछले छह महीनों से लगातार ऐसे डायग्नोस्टिक सेंटरों की जांच और मूल्यांकन किया जा रहा है, जो नए पंजीकरण के लिए आवेदन कर रहे हैं या पहले से संचालित होकर नवीनीकरण की इच्छा रखते हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया है कि केवल वही केंद्र अनुमति प्राप्त कर सकेंगे, जो सभी निर्धारित मानकों का पालन करेंगे। यह प्रक्रिया स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता को बढ़ाने और अनियमित रूप से कार्यरत केंद्रों पर नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

कानूनी प्रावधानों का पालन अनिवार्य

सभी अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड और रेडियो डायग्नोस्टिक सेंटरों के लिए क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बायोमेडिकल कचरे के सुरक्षित निस्तारण के लिए बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करना भी आवश्यक होगा। अल्ट्रासाउंड सेवाएं प्रदान करने वाले केंद्रों को पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत सभी नियमों का पालन करना होगा, जिससे किसी भी अवैध गतिविधियों को रोकने में सहायता मिलेगी।

आवश्यक मानक और सुरक्षा व्यवस्थाएं

पंजीकरण या नवीनीकरण के लिए आवेदन करने वाले सभी केंद्रों को स्वच्छता, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की वैध व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी जैसी अनिवार्य शर्तों को पूरा करना होगा। प्रशासन ने बताया है कि जनसुरक्षा से जुड़े इन सभी पहलुओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई और प्रशासन का उद्देश्य

जिलाधिकारी सविन बंसल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी आवेदनों की गहन जांच की जाए और केवल योग्य केंद्रों को ही अनुमति दी जाए। अगर किसी भी सेंटर में अनियमितता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बनाए रखना और आम जन की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है, ताकि लोग भरोसे के साथ चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकें।

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सादर,
टीम खर्चा पानी,
दिव्या शर्मा

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